मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली प्रशासन का बड़ा एक्शन: हौजरानी में 10 इमारतें सील, नए B&B लाइसेंस पर रोक
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली प्रशासन का बड़ा एक्शन: हौजरानी में 10 इमारतें सील, नए B&B लाइसेंस पर रोक
नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। इस हादसे में 21 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद शहर में अवैध रूप से चल रही इमारतों, होटलों और गेस्ट हाउसों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में प्रशासन ने दक्षिणी दिल्ली के हौजरानी इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 इमारतों को सील कर दिया है।
हौजरानी इलाके में चला बड़ा सीलिंग अभियान
एसडीएम महरौली राहुल राठौड़ के अनुसार, सील की गई ये सभी 10 संपत्तियां या तो बिना उचित अनुमति के व्यावसायिक रूप से चल रही थीं या फिर तय नियमों के खिलाफ इनका इस्तेमाल किया जा रहा था।
जांच में सामने आईं ये गंभीर लापरवाहियां:
सुरक्षा मानकों की अनदेखी: इमारतों में एंट्री और एग्जिट (आगमन और निकास) का केवल एक ही रास्ता था, जो आपात स्थिति के लिए बेहद खतरनाक है।
क्षमता से अधिक निर्माण: नियमों के मुताबिक जहां केवल 6 कमरे होने चाहिए थे, वहां अवैध रूप से 20 से 25 कमरे बना दिए गए थे।
फायर सेफ्टी का अभाव: इन इमारतों में आग से बचाव (फायर सेफ्टी) का कोई इंतजाम नहीं था।
हादसे का केंद्र रहे ‘फ्लरिश स्टे होटल’ के आसपास की जिन इमारतों के पास उचित अनुमति नहीं थी, प्रशासन ने उन पर भी शिकंजा कसते हुए उन्हें सील कर दिया है।
होटल मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार
मालवीय नगर हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए ‘फ्लरिश स्टे होटल’ के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, बजाज पर होटल संचालन में घोर लापरवाही बरतने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप है। फिलहाल हादसे के सही कारणों की जांच की जा रही है।
B&B योजना के नए लाइसेंस पर लगी रोक
प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि साल 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान शुरू की गई बेड-एंड-ब्रेकफास्ट (B&B) योजना का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा था।
क्या था नियम और क्या हुई धांधली?
इस योजना के तहत मकान मालिक को अधिकतम 6 कमरों में ही मेहमानों (गेस्ट) को रखने की अनुमति थी। लेकिन कई लोग इस नियम की आड़ में 20 से 30 कमरों के पूरे होटल चला रहे थे।
अब सरकार का फैसला:
इस धांधली को देखते हुए सरकार ने B&B योजना के तहत नए लाइसेंस जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके साथ ही दिल्ली के सभी मौजूदा B&B और गेस्ट हाउसों की स्क्रूटनी (जांच) शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
