अवैध विदेशी नागरिकों पर विदेश मंत्रालय सख्त: बांग्लादेशी नागरिकों के डिपोर्टेशन के लिए भेजे गए 2680 से अधिक मामले
अवैध विदेशी नागरिकों पर विदेश मंत्रालय सख्त: बांग्लादेशी नागरिकों के डिपोर्टेशन के लिए भेजे गए 2680 से अधिक मामले; गुजरात में ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ के तहत 568 गिरफ्तार
नई दिल्ली/गांधीनगर। भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, विशेषकर बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकारों ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस गंभीर मुद्दे पर भारत का रुख साफ करते हुए कहा है कि देश में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे विदेशी नागरिकों से निपटने के लिए हमारे पास सख्त कानून हैं और उनके खिलाफ उसी के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कैसे होती है डिपोर्टेशन (देश निकाला) की प्रक्रिया?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अवैध रूप से रह रहे लोगों को वापस उनके देश भेजने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। रणधीर जायसवाल ने कहा:
”जहां तक इन लोगों को वापस भेजने (डिपोर्टेशन) की बात है, तो इसके लिए दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय (Bilateral) व्यवस्था है। हम ऐसे अवैध नागरिकों से जुड़े मामलों और उनके विवरण को बांग्लादेशी प्रशासन के पास भेजते हैं, ताकि वे इन लोगों की राष्ट्रीयता (Citizenship) की पुष्टि कर सकें। एक बार वहां से उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हो जाने के बाद, हम उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीयता सत्यापन (Nationality Verification) के ऐसे कई आवेदन हैं जो अभी भी बांग्लादेशी पक्ष के पास लंबित हैं। भारत सरकार को उम्मीद है कि इन पर बांग्लादेश की ओर से जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी, ताकि भारत में गैर-कानूनी रूप से रह रहे लोगों को वापस भेजने की प्रक्रिया सुचारू और कुशलतापूर्वक आगे बढ़ाई जा सके।
5 साल से लंबित हैं कई मामले, 2,680 से अधिक नाम भेजे गए
गौरतलब है कि बांग्लादेश के साथ एक लंबी और खुली सीमा (Border) होने की वजह से पिछले कई वर्षों में लाखों नागरिक अवैध रूप से भारत में दाखिल हो चुके हैं। इनमें से कई लोगों ने फर्जी तरीके से भारतीय कागजात और पहचान पत्र भी बनवा लिए हैं। विदेश मंत्रालय ने खुलासा किया है कि भारत ने अब तक 2,680 से अधिक लोगों की सूची उनकी राष्ट्रीयता सत्यापित करने के लिए बांग्लादेश सरकार को भेजी है।
रणधीर जायसवाल ने बताया, “एक बार राष्ट्रीयता सत्यापन का काम पूरा हो जाने के बाद, हम इन बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित करने की स्थिति में होंगे। कई मामलों में यह सत्यापन पिछले पांच साल से भी अधिक समय से लंबित है और हमें उम्मीद है कि इस विशेष और संवेदनशील मुद्दे पर बांग्लादेश से हमें जल्द ही सकारात्मक जवाब मिलेगा।”
गुजरात पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ में 568 दबोचे गए
एक तरफ जहां केंद्र सरकार राजनयिक स्तर पर इस मामले को आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ विभिन्न राज्यों की पुलिस विशेष अभियान चलाकर जमीनी स्तर पर इनकी पहचान कर रही है। इसी कड़ी में गुजरात पुलिस ने ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ (Operation Delta Hunt) के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।
गुजरात पुलिस ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कथित तौर पर गैर-कानूनी रूप से रह रहे 568 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पकड़े गए लोगों में:
पुरुष: 172
महिलाएं: 282
बच्चे: 114
गुजरात पुलिस ने इस ऑपरेशन की शुरुआत 3 जून को की थी, तब पहले दिन 362 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया था। 4 जून को यह संख्या बढ़कर 501 हुई और शुक्रवार सुबह तक ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ के तहत पकड़े गए अवैध नागरिकों का कुल आंकड़ा 568 तक पहुंच गया है। अब इन सभी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई और निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
