मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड: प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में आग से भारी तबाही, सम्राट सरकार ने किया 4-4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान
मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड: प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में आग से भारी तबाही, सम्राट सरकार ने किया 4-4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान
मुजफ्फरपुर/पटना: देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड के बाद अब बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया है। मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल, ‘प्रसाद हॉस्पिटल’ के आईसीयू (ICU) वार्ड में गुरुवार तड़के भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में आईसीयू में भर्ती मरीजों को संभलने और बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला, जिसके कारण दम घुटने और झुलसने से मौतों की खबर है। हालांकि, घटना के बाद से ही मृतकों के आंकड़ों और दावों में भिन्नता देखी जा रही है, लेकिन प्रशासन और सरकार ने स्थिति को स्पष्ट किया है।
तड़के 3:30 बजे लगी आग; आईसीयू में मची अफरातफरी
अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक, आग पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू और सीसीयू (CCU) वार्ड में गुरुवार तड़के करीब 3:30 बजे लगी।
मरीजों की संख्या: हादसे के वक्त वार्ड में गंभीर रूप से बीमार लगभग 13 से 20 मरीज भर्ती थे, जिनमें से कई वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन: आग की लपटें और जहरीला धुआं फैलते ही अस्पताल स्टाफ और दमकल विभाग की टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कांच की खिड़कियां तोड़कर और क्रेन की मदद से कई गंभीर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
अन्य अस्पतालों में शिफ्टिंग: बचाए गए सभी गंभीर मरीजों और जिनकी हाल ही में सर्जरी हुई थी, उन्हें तुरंत शहर के सदर अस्पताल और आसपास के अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे; उच्च स्तरीय जांच के आदेश
हादसे के बाद अस्पताल परिसर में रोते-बिलखते परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग स्तर पर दावे किए जा रहे हैं:
प्रशासनिक पुष्टि: मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) सुब्रत कुमार सेन और एसएसपी ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने शुरुआती तौर पर तीन मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है।
परिजनों का दावा: दूसरी ओर, कुछ स्रोतों और रोते-बिलखते परिजनों के मुताबिक इस हादसे में जान गंवाने वाले मरीजों की संख्या 5 तक पहुंच गई है, क्योंकि कुछ मरीजों ने अस्पताल से बाहर निकालने के बाद दम तोड़ा।
जांच के लिए बनी टीम: जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में सुरक्षा मानकों की जांच और आग लगने के सटीक कारणों (शॉर्ट सर्किट या ऑक्सीजन लीकेज) का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया गया है।
सम्राट सरकार ने किया 4-4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:
”मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से चार लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शोकाकुल परिजनों को बिना किसी विलंब के 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान (मुआवजा) देने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही सभी घायलों के समुचित इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।”
दिल्ली होटल अग्निकांड की यादें हुईं ताजा
मुजफ्फरपुर के इस हादसे ने एक दिन पहले ही दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के जख्मों को हरा कर दिया है। बुधवार सुबह दिल्ली के एक होटल में स्थित रेस्टोरेंट में लगी आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था, जिसमें 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। दिल्ली के बाद अब बिहार के अस्पताल में हुई इस घटना ने देश के सार्वजनिक स्थानों और अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट (अग्नि सुरक्षा मानकों) पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
