भारत-नेपाल सीमा पर यात्रियों को बड़ी राहत: अब ₹500 तक के सामान पर नहीं लगेगा कस्टम शुल्क, संसद में उठा था मुद्दा
भारत-नेपाल सीमा पर यात्रियों को बड़ी राहत: अब ₹500 तक के सामान पर नहीं लगेगा कस्टम शुल्क, संसद में उठा था मुद्दा
काठमांडू: नेपाल सरकार ने सड़क मार्ग से सीमा पार करने वाले यात्रियों के लिए कस्टम शुल्क (भंसार) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने निजी उपयोग के लिए सामान लाने और ले जाने की शुल्क मुक्त सीमा को बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है। नेपाल के राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित आधिकारिक सूचना के अनुसार, अब सीमा पार करते समय 500 रुपये मूल्य तक के निजी उपयोग के सामान पर कोई कस्टम शुल्क नहीं देना होगा।
इससे पहले यह छूट सीमा केवल 100 रुपये तक ही निर्धारित थी, जिसे अब पांच गुना बढ़ा दिया गया है। नए नियमों के मुताबिक, यदि कोई यात्री इस तय सीमा के भीतर सामान लाता या ले जाता है, तो भंसार प्रमुख (कस्टम चीफ) आवश्यकता और औचित्य के आधार पर बिना कोई शुल्क लगाए उसे अनुमति दे सकते हैं।
छात्रों के लिए पुराना नियम रहेगा यथावत
भले ही आम यात्रियों के लिए नियमों में ढील दी गई हो, लेकिन भारत में रहकर पढ़ाई कर रहे नेपाली छात्रों के लिए पहले से लागू विशेष सुविधा को बिना किसी बदलाव के यथावत रखा गया है। गौरतलब है कि मई 2025 में प्रकाशित एक अधिसूचना के जरिए सीमा नाकों पर 100 रुपये से अधिक मूल्य का सामान लाने पर सख्ती से रोक लगाने का नियम लागू किया गया था। इस कड़े नियम के कारण कुछ सप्ताह पहले नेपाल-भारत सीमा क्षेत्रों में काफी तनाव और विरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
नेपाल की संसद में गूंजा था मामला
सीमा पर बढ़ते तनाव के बाद यह संवेदनशील मुद्दा नेपाल की संसद में भी जोर-शोर से उठा था। इस पर सफाई देते हुए नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने संसद को आश्वस्त किया था कि 100 रुपये वाली सख्त सीमा का नियम पिछली सरकार द्वारा बनाया गया था। उन्होंने वादा किया था कि वर्तमान सरकार सीमा क्षेत्र के नागरिकों को राहत देने के लिए इस छूट सीमा को बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिसे अब लागू कर दिया गया है।
छोटे व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने किया स्वागत
नेपाल सरकार के इस नए संशोधन का सीमाई क्षेत्रों के निवासियों और छोटे व्यापारियों ने पुरजोर स्वागत किया है। हालांकि नेपाल सरकार ने अतीत में भी कई बार सीमा पर तस्करी और अवैध व्यापार को रोकने के लिए इन नियमों को सख्ती से लागू करने का प्रयास किया था, लेकिन जमीनी विरोध के कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी थी। ऐसे में, शुल्क मुक्त सीमा को बढ़ाकर 500 रुपये करने के फैसले को सीमा क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत के रूप में देखा जा रहा है।
