तमिलनाडु में भारी सियासी हलचल: नई पार्टी की अटकलों के बीच के. अन्नामलाई ने की BJP के राष्ट्रीय पदाधिकारी से मुलाकात
तमिलनाडु में भारी सियासी हलचल: नई पार्टी की अटकलों के बीच के. अन्नामलाई ने की BJP के राष्ट्रीय पदाधिकारी से मुलाकात
तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व अध्यक्ष और फायरब्रांड नेता के. अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य को लेकर कयासों का बाजार बेहद गर्म है। उनके बीजेपी से इस्तीफा देने और एक अलग राजनीतिक दल बनाने की अटकलों के बीच, अन्नामलाई ने मंगलवार को बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारी नितिन नबीन से मुलाकात की।
कोयंबटूर में उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए कुछ रहस्यमयी पोस्टर्स और केंद्र सरकार की नीतियों पर उनके हालिया बयानों के बाद इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अन्नामलाई ने अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं की है।
समर्थकों के पोस्टर्स ने दी अफवाहों को हवा
अन्नामलाई का जन्मदिन 4 जून को है। इससे ठीक पहले कोयंबटूर की प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर उनके समर्थकों द्वारा बड़े-बड़े पोस्टर्स लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर ‘हमारे नेता, आइए और हमारा नेतृत्व कीजिए’ जैसे नारे लिखे हैं।
इन पोस्टर्स के सामने आने के बाद से ही तमिलनाडु के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि अन्नामलाई बीजेपी आलाकमान से नाराज हैं और वे कोई नया राजनीतिक मंच या संगठन बनाने की तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली रवाना होने से पहले जब मीडिया ने उनसे इस बारे में पूछा, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा, “कृपया प्रतीक्षा करें। हम दो दिन में बैठकर बात करेंगे।” उनके इस बयान ने सस्पेंस को और बढ़ा दिया है।
केंद्र की नीति का विरोध और नई पार्टी की चर्चा
अन्नामलाई और बीजेपी नेतृत्व के बीच मतभेदों की खबरों को उस समय और हवा मिली, जब उन्होंने हाल ही में केंद्र सरकार के एक बड़े फैसले का खुलकर विरोध किया:
त्रिभाषा नीति का विरोध: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा मौजूदा शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 9 के छात्रों के लिए ‘तीन-भाषा नीति’ लागू करने की घोषणा की गई है। अन्नामलाई ने इस अधिसूचना का विरोध करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।
TVK के विकल्प की तैयारी?: राजनीतिक जानकारों और उनके कुछ समर्थकों का मानना है कि अन्नामलाई तमिलनाडु की सियासत में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के सामने खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना चाहते हैं, जिसके लिए वे नई पार्टी की जमीन तैयार कर रहे हैं।
क्या बीजेपी में मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी?
जहां एक ओर उनके बीजेपी छोड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कुछ और ही कहना है:
इस्तीफे की संभावना कम: बीजेपी सूत्रों के मुताबिक अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने की संभावना काफी कम है। इस बैठक में उनके भविष्य की भूमिका और आगे की राजनीतिक रणनीति पर गहन चर्चा हुई है।
बड़ी भूमिका की उम्मीद: माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर या संगठन में कोई और बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप सकता है। बीजेपी नेताओं ने पार्टी में किसी भी तरह के बिखराव या विभाजन की अटकलों को पूरी तरह खारिज किया है।
IPS की नौकरी छोड़ राजनीति में आए थे अन्नामलाई
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पूर्व अधिकारी रहे के. अन्नामलाई ने साल 2020 में पुलिस की नौकरी छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। अपनी आक्रामक शैली और भाषणों के दम पर वे बहुत तेजी से तमिलनाडु में पार्टी के सबसे लोकप्रिय चेहरा बन गए। साल 2021 से 2025 तक राज्य बीजेपी अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कई बड़े राज्यव्यापी अभियानों का नेतृत्व किया और युवाओं व सोशल मीडिया पर एक भारी-भरकम फैन बेस तैयार किया।
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में बीजेपी के प्रमुख चेहरों में से एक होने के बावजूद उन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ा था, जिसके बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि अगले दो दिनों में अन्नामलाई मीडिया के सामने आकर क्या बड़ा खुलासा करते हैं।
