चारधाम यात्रा 2026: भीषण जाम की मार झेल रहे बदरीनाथ-केदारनाथ हाईवे; 8 से 10 घंटे तक फंसे रह रहे श्रद्धालु, खोखले साबित हो रहे व्यवस्थाओं के दावे
चारधाम यात्रा 2026: भीषण जाम की मार झेल रहे बदरीनाथ-केदारनाथ हाईवे; 8 से 10 घंटे तक फंसे रह रहे श्रद्धालु, खोखले साबित हो रहे व्यवस्थाओं के दावे
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर (उत्तराखंड):
विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इन दिनों अपने चरम पर है, लेकिन इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। धारी देवी से लेकर बदरीनाथ धाम तक और केदारनाथ हाईवे पर रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक कई प्रमुख स्थानों पर भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर कई-कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी और थका देने वाली कतारें रेंगती नजर आ रही हैं, जिसने पूरे यात्रा तंत्र को पंगु बना दिया है।
घंटों से लगे इस महाजाम के कारण आस्था के सफर पर निकले देश-दुनिया के तीर्थयात्री भारी गर्मी, उमस और वाहनों के जहरीले धुएं के बीच बेहाल होने को मजबूर हैं।
10 घंटे का लंबा इंतजार: बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान
विभिन्न यात्रा मार्गों पर स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि श्रद्धालुओं को 8 से 10 घंटे तक लगातार जाम में फंसा रहना पड़ रहा है। लंबे इंतजार और अव्यवस्थित ट्रैफिक ने यात्रियों की मुश्किलों को कई गुना बढ़ा दिया है।
असुविधा की मार: इस बदइंतजामी का सबसे दर्दनाक असर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिला यात्रियों पर पड़ रहा है, जो बिना पानी और बुनियादी सुविधाओं के भूख-प्यास और अत्यधिक थकान के बीच सफर करने को मजबूर हैं।
सरकारी दावों की खुली पोल: हाईवे पर फंसे आक्रोशित यात्रियों ने कैमरे के सामने अपनी भारी नाराजगी व्यक्त की। यात्रियों का साफ कहना है कि प्रशासन द्वारा यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षित और सुगम यात्रा को लेकर किए जा रहे बड़े-बड़े दावे धरातल पर पूरी तरह खोखले और हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
”आस्था का सफर बना मानसिक प्रताड़ना” — देश भर से आए श्रद्धालु
जाम में फंसे महाराष्ट्र के तीर्थयात्री जयदेव, अर्नव और नागपुर से आए श्रद्धालु आदित्य ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा:
”हम बेहद दूर से बड़ी श्रद्धा के साथ चारधाम यात्रा पर आए थे, लेकिन यहां का अनुभव बेहद कड़वा और कठिन साबित हो रहा है। घंटों तक एक ही जगह गाड़ी में फंसे रहने के कारण पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है। चारधाम यात्रा करोड़ो लोगों की आस्था का प्रतीक है, लेकिन प्रशासन की वर्तमान अव्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना बढ़ा रही हैं।”
ट्रैफिक मैनेजमेंट फेल, आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति पर भी संकट
यात्रियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि केदारनाथ और बदरीनाथ हाईवे पर यातायात नियंत्रण की कोई प्रभावी योजना (Traffic Management Plan) दिखाई नहीं दे रही है। अतिरिक्त पुलिस बल की कमी और सुदूर पहाड़ी रास्तों पर वैकल्पिक मार्गों (Alternative Routes) के अभाव में हालात पूरी तरह बेकाबू होते जा रहे हैं। इस महाजाम का असर केवल तीर्थयात्रियों पर ही नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली आवश्यक सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा वाहनों की सुचारु आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है।
”यातायात सुचारु करने के लिए हर संभव प्रयास जारी” — एसपी निहारिका तोमर
यात्रा मार्गों पर बिगड़ते हालात और यात्रियों के बढ़ते आक्रोश के बीच रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक (SP) निहारिका तोमर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:
”हाईवे पर वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण कुछ जगहों पर गति धीमी हुई है। जाम की स्थिति से निजात दिलाने के लिए पुलिस, होमगार्ड और प्रशासनिक टीमें धरातल पर मुस्तैदी से लगातार प्रयासरत हैं। बोतलनेक (सड़क के संकरे हिस्सों) पर यातायात को सुचारु करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्थिति की पल-पल मॉनिटरिंग की जा रही है।”
बहरहाल, प्रशासन भले ही स्थिति नियंत्रण में होने की बात कह रहा हो, लेकिन देश के कोने-कोने से देवभूमि पहुंचे श्रद्धालु इस वक्त केवल एक ही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें इस कष्टदायी जाम से जल्द से जल्द राहत मिले और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ हो।
