टीएमसी में आंतरिक कलह: काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र, चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी पर लगाया महिला विरोधी व्यवहार का आरोप
टीएमसी में आंतरिक कलह: काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र, चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी पर लगाया महिला विरोधी व्यवहार का आरोप
नई दिल्ली:
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों और संसद तक पहुंच गई है। हाल ही में टीएमसी संगठन के कई महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा देने वालीं वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला को पत्र लिखकर अपनी ही पार्टी के चीफ व्हिप और कद्दावर नेता कल्याण बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
काकोली घोष ने कल्याण बनर्जी पर लोकसभा के भीतर उनके साथ मौखिक दुर्व्यवहार करने और महिला सांसदों के प्रति अपमानजनक व अमर्यादित रवैया अपनाने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
”यह महिला विरोधी मानसिकता है, सजा मिलनी चाहिए”
गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में काकोली घोष दस्तीदार ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगी है। उन्होंने सदन के भीतर हुए वाकये का जिक्र करते हुए लिखा:
”मैं आपके समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति चाहती हूं। एआईटीसी (AITC) सांसद कल्याण बनर्जी ने कई बार लोकसभा के भीतर मेरे साथ मौखिक दुर्व्यवहार किया है। यह व्यवहार केवल मेरे साथ ही नहीं, बल्कि अन्य महिला सांसदों के साथ भी किया जाता है। यह सरासर एक ‘महिला विरोधी मानसिकता’ और महिला सांसदों के खिलाफ अपमानजनक रवैया है, इसके लिए उन्हें निश्चित रूप से दंडित किया जाना चाहिए।”
पदों में फेरबदल के बाद बढ़ीं अंदरूनी दूरियां
राजनीतिक विश्लेषक इस पूरे घटनाक्रम को तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ते गहरे मतभेदों और पावर स्ट्रगल (सत्ता संघर्ष) से जोड़कर देख रहे हैं। दरअसल, हालिया विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के भीतर एक बड़ा फेरबदल हुआ था:
पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने काकोली घोष दस्तीदार को टीएमसी के लोकसभा चीफ व्हिप पद से हटा दिया था।
उनकी जगह यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी कल्याण बनर्जी को सौंप दी गई थी।
इस बड़े बदलाव के बाद से ही टीएमसी संसदीय दल के भीतर नेताओं के बीच आपसी खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया था, जो अब इस विवाद के रूप में सामने आया है।
काकोली घोष ने छोड़े संगठन के पद, पर पार्टी में बरकरार
गौरतलब है कि काकोली घोष ने बीते 27 मई को तृणमूल कांग्रेस के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सबसे पहले टीएमसी के बारासात जिलाध्यक्ष के पद को छोड़ा और फिर एक-एक करके संगठन के अन्य सभी पदों से भी त्यागपत्र दे दिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि उन्होंने केवल पद छोड़े हैं, पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है।
फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल विवाद और अपनी ही पार्टी की महिला सांसद द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर कल्याण बनर्जी या टीएमसी शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इस घटनाक्रम ने संसद सत्र से ठीक पहले टीएमसी के भीतर जारी गुटबाजी को जगजाहिर कर दिया है।
