ईरान पर अमेरिका की एक और बड़ी डिजिटल स्ट्राइक: ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर लगाया प्रतिबंध, ट्रंप बोले- यूरेनियम छोड़ने पर भी नहीं मिलेगी राहत
ईरान पर अमेरिका की एक और बड़ी डिजिटल स्ट्राइक: ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर लगाया प्रतिबंध, ट्रंप बोले- यूरेनियम छोड़ने पर भी नहीं मिलेगी राहत
वाशिंगटन:
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य और कूटनीतिक रस्साकशी के बीच वॉशिंगटन ने तेहरान की घेराबंदी और मजबूत कर दी है। अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक और रणनीतिक दबाव बढ़ाते हुए उसकी एक नई सरकारी संस्था पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी वित्त विभाग (US Department of the Treasury) ने हाल ही में गठित ईरान के ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ को ‘स्पेशली डिजिग्नेटेड नेशनल्स’ (SDN) यानी प्रतिबंधित संस्थाओं की ब्लैकलिस्ट सूची में शामिल कर लिया है।
यह ईरानी प्राधिकरण रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और वैश्विक तेल व्यापार के मुख्य मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) में समुद्री यातायात की निगरानी के लिए बनाया गया है।
व्यावसायिक जहाजों से “अवैध वसूली” का आरोप
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ‘ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल’ (OFAC) ने बुधवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में ईरान पर गंभीर आरोप लगाए। अमेरिका के मुताबिक, यह ईरानी प्राधिकरण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक जहाजों से “अवैध शुल्क” (जबरन वसूली) वसूल रहा था और उन्हें सुरक्षित रास्ता देने के बदले ईरानी सेना के निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर कर रहा था।
अमेरिका ने इस दौरान दुनिया भर के देशों और शिपिंग कंपनियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि इस प्रतिबंधित ईरानी संस्था के साथ सहयोग या व्यापार करने वाले किसी भी व्यक्ति या कंपनी पर अमेरिका तुरंत कड़े प्रतिबंध लगा देगा।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इस कार्रवाई पर कहा:
“वैश्विक समुद्री व्यापार से जबरन वसूली करने की ईरानी सेना की यह नई कोशिश साफ दिखाती है कि अमेरिका के ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ (आर्थिक आक्रोश) अभियान ने ईरानी शासन को आर्थिक रूप से पूरी तरह हताश और लाचार कर दिया है।”
गौरतलब है कि ईरान ने बीते 18 मई को ही इस ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ की स्थापना की थी और 20 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी कर दादागिरी दिखाते हुए कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी विदेशी जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा और वहां से निकलने के लिए पहले अनुमति लेनी होगी।
ट्रंप का दो टूक संदेश: “मुझे मध्यावधि चुनावों की कोई परवाह नहीं”
इस आर्थिक प्रतिबंध के बीच व्हाइट हाउस में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा राजनीतिक और सैन्य संदेश दिया। ट्रंप ने साफ किया कि वह ईरान की किसी भी चालबाजी के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप के संबोधन की मुख्य बातें:
राजनीतिक दबाव खारिज: ट्रंप ने कहा कि ईरान को यह गलतफहमी थी कि अमेरिका में होने वाले आगामी मध्यावधि (Midterm) चुनावों के कारण उन पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा और वे अमेरिका को बातचीत के लिए इंतजार करवा लेंगे। ट्रंप ने दो टूक कहा, “उन्हें लगा कि वे मेरा इंतजार कर लेंगे, लेकिन मुझे मध्यावधि चुनावों की कोई परवाह नहीं है।”
सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार: ईरान के साथ चल रही शांति वार्ताओं पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अभी मौजूदा शर्तों से बिल्कुल संतुष्ट नहीं है और जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, “हम अभी इससे संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन हो जाएंगे। नहीं तो हमें काम पूरा करना होगा (सैन्य एक्शन लेना होगा)।”
यूरेनियम पर कोई ढील नहीं: ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में दोहराया कि ईरान को अपने ‘उच्च संवर्धित यूरेनियम’ (Highly Enriched Uranium) के भंडार को नष्ट करने या छोड़ने के बदले में किसी भी तरह के आर्थिक प्रतिबंधों से राहत नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं। प्रतिबंधों में कोई राहत नहीं मिलेगी। उन्हें अपना उच्च संवर्धित यूरेनियम छोड़ना ही होगा।”
