Thursday, July 23, 2026
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उत्तर कोरिया का बड़ा दावा: किम जोंग उन की मौजूदगी में हुआ AI-गाइडेड क्रूज मिसाइल और नए वॉरहेड का सफल परीक्षण

उत्तर कोरिया का बड़ा दावा: किम जोंग उन की मौजूदगी में हुआ AI-गाइडेड क्रूज मिसाइल और नए वॉरहेड का सफल परीक्षण

​उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य ताकत को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्योंगयांग की सरकारी मीडिया के अनुसार, देश ने अपने हालिया सैन्य अभ्यासों के दौरान कई अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों और तकनीकों का सफल परीक्षण किया है। इन परीक्षणों में परमाणु क्षमता से लैस क्रूज मिसाइलें और नए लड़ाकू वॉरहेड (Special-mission warheads) शामिल हैं। इस पूरे हथियार परीक्षण कार्यक्रम की निगरानी खुद उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने की।

​परीक्षण में शामिल रहे ये आधुनिक हथियार

​सरकारी समाचार एजेंसी ‘केसीएनए’ (KCNA) द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, इस नए रक्षा परीक्षण में मुख्य रूप से तीन आधुनिक प्रणालियों को परखा गया:

​परमाणु सक्षम टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलें: इन मिसाइलों में युद्ध के दौरान परमाणु हमले को अंजाम देने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए नए वॉरहेड्स का परीक्षण किया गया।

​AI-आधारित क्रूज मिसाइलें: परमाणु क्षमता वाली इन नई क्रूज मिसाइलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक ऑटोमैटिक टारगेट रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो सटीक निशाना लगाने में सक्षम हैं।

​240 मिमी नियंत्रित रॉकेट आर्टिलरी: विस्तारित रेंज (ज्यादा दूरी तक मार करने वाले) के इस रॉकेट सिस्टम में ‘अल्तराज-प्रिसिजन’ ऑटोनॉमस नेविगेशन सिस्टम लगाया गया है।

​दक्षिण कोरियाई सीमा पर तैनात करने की योजना

​किम जोंग उन ने इस परीक्षण के परिणामों पर गहरा संतोष व्यक्त किया है, विशेषकर उन क्रूज मिसाइलों के प्रदर्शन को लेकर जो दक्षिण कोरियाई सीमा के पास अग्रिम मोर्चों (फ्रंट-लाइन यूनिट्स) पर लंबी दूरी की आर्टिलरी इकाइयों के साथ तैनात की जानी हैं। ये मिसाइलें 100 किलोमीटर तक के दायरे में सटीक हमला कर सकती हैं। किम ने इस दौरान सैन्य कमांडरों को आदेश दिया कि आर्टिलरी सेना को इतनी तेजी से आधुनिक बनाया जाए कि कोई भी दुश्मन ताकत उनके सामने टिक न सके।

​दक्षिण कोरियाई सेना की निगरानी

​इससे पहले दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने जानकारी दी थी कि उत्तर कोरिया ने अपने पश्चिमी समुद्री क्षेत्र (येलो सी) की तरफ कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों सहित कई प्रोजेक्टाइल दागे हैं। दक्षिण कोरियाई रडार के मुताबिक इन मिसाइलों ने लगभग 80 किलोमीटर की दूरी तय की। इस परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान की सेनाएं पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं।

​इलाके में तनाव बढ़ने के मुख्य कारण

​साल 2019 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच वियतनाम में हुई कूटनीतिक बातचीत के विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया ने अपने हथियार कार्यक्रम की रफ्तार काफी बढ़ा दी है। प्योंगयांग ने दक्षिण कोरिया को अपना ‘सबसे बड़ा और शत्रुतापूर्ण दुश्मन’ घोषित कर दिया है और दोनों देशों के बीच के पुराने समझौतों को खत्म कर दिया है। किम ने हाल ही में अपनी सीमा को एक ‘अभेद्य किले’ में बदलने का संकल्प लिया है।

​रूस और चीन के साथ मजबूत होते रणनीतिक संबंध

​वैश्विक प्रतिबंधों के बीच उत्तर कोरिया की विदेश नीति में अब रूस और चीन की तरफ झुकाव काफी बढ़ गया है। यूक्रेन युद्ध के बीच उत्तर कोरिया ने रूस को भारी मात्रा में सैन्य हथियार और सैनिक उपलब्ध कराए हैं, जिससे उसे युद्ध क्षेत्र का वास्तविक डेटा और तकनीक हासिल करने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही वह चीन को अपना सबसे बड़ा आर्थिक सहारा मानता है। दूसरी तरफ, अमेरिका द्वारा परमाणु निरस्त्रीकरण की शर्त रखे जाने के कारण उत्तर कोरिया ने बातचीत के सभी प्रस्तावों को पूरी तरह से ठुकरा दिया है।

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