तमिलनाडु में सियासी भूचाल: AIADMK के 3 बागी विधायकों का इस्तीफा, विजय की TVK में शामिल होने की अटकलें तेज
तमिलनाडु में सियासी भूचाल: AIADMK के 3 बागी विधायकों का इस्तीफा, विजय की TVK में शामिल होने की अटकलें तेज
चेन्नई, 25 मई। तमिलनाडु की राजनीति में आज एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। प्रमुख विपक्षी दल एआईएडीएमके (AIADMK) के तीन बागी विधायकों ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर ने तुरंत ही तीनों विधायकों का इस्तीफा मंजूर भी कर लिया है। इस्तीफा देने के ठीक बाद इन नेताओं ने तमिल अभिनेता और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) का दामन थाम लिया, जिससे राज्य का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है।
इस घटनाक्रम के बाद अब तमिलनाडु में विधानसभा उपचुनाव के लिए कुल चार सीटें खाली हो गई हैं।
इन 3 विधायकों ने छोड़ा पद (दो महिला नेता भी शामिल)
इस्तीफा देने वाले विधायकों में दो महिला नेता शामिल हैं। इन तीनों ही विधायकों ने चेन्नई स्थित सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा:
मरगदम कुमरवेल: चेंगलपट्टू जिले के मदुरानंदगम निर्वाचन क्षेत्र से विधायक।
जयकुमार: पश्चिमी तमिलनाडु (कोंगु क्षेत्र) के पेरुन्दूरई से विधायक।
सत्यभामा: दारापुरम निर्वाचन क्षेत्र की विधायक।
इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद इन तीनों नेताओं ने सचिवालय में ही टीवीके सरकार के मंत्री आधव अर्जुन से मुलाकात की। माना जा रहा है कि आगामी उपचुनावों में ये तीनों नेता टीवीके (TVK) के टिकट पर ही चुनावी मैदान में उतरेंगे।
13 मई के फ्लोर टेस्ट में की थी बगावत
दरअसल, यह बगावत नई नहीं है। इस्तीफा देने वाले ये तीनों नेता उन 25 बागी विधायकों के गुट का हिस्सा हैं, जिन्होंने 13 मई को विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट (विश्वास मत) के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री विजय की टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था। हालांकि, इस बागी गुट में हाल ही में थोड़ी टूट भी देखने को मिली है, जब 5 विधायक वापस एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (EPS) के खेमे में लौट गए।
AIADMK में अंदरूनी कलह: साल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार (पार्टी को सिर्फ 47 सीटें मिलीं) के बाद से ही एआईएडीएमके में नेतृत्व को लेकर विद्रोह छिड़ा हुआ है। बागी गुट के नेता महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विजय के लिए राह होगी और आसान
इस इस्तीफे से तमिलनाडु विधानसभा का समीकरण बदलने वाला है, जो मुख्यमंत्री विजय के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है:
गठबंधन का दबाव होगा कम: 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी (बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए)। विजय खुद दो सीटों (पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट) से चुनाव जीते थे, जिसके बाद उन्होंने एक सीट खाली कर दी, जिससे टीवीके के विधायकों की संख्या 107 रह गई थी।
वर्तमान समीकरण: विजय ने कांग्रेस (5), वीसीके (2), आईयूएमएल (2), सीपीआई (2) और सीपीआईएम (2) के समर्थन से कुल 120 विधायकों के साथ सरकार बनाई थी।
यदि ये बागी विधायक अधिकारिक तौर पर टीवीके में शामिल होकर उपचुनाव जीत जाते हैं, तो सदन में अकेले विजय की पार्टी की ताकत बढ़ेगी। इससे सरकार पर से गठबंधन के सहयोगियों (कम्युनिस्ट और कांग्रेस) का राजनीतिक दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा और विजय की सरकार को एक मजबूत स्थिरता मिलेगी।
