हरिद्वार में गंगा दशहरा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का महासैलाब: 43 लाख से अधिक भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हरिद्वार में गंगा दशहरा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का महासैलाब: 43 लाख से अधिक भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हरिद्वार: सनातन धर्म के सबसे पवित्र और बड़े त्योहारों में से एक ‘गंगा दशहरा’ के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। देश के विभिन्न कोनों और राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालु ब्रह्ममुहूर्त (तड़के) से ही हरकी पैड़ी और आसपास के तमाम गंगा घाटों पर गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
रविवार को जहां वीकेंड के चलते रिकॉर्ड 27 लाख श्रद्धालुओं ने मां गंगा में डुबकी लगाई थी, वहीं आज सोमवार (25 मई 2026) की सुबह गंगा आरती के बाद ही श्रद्धालुओं का आंकड़ा 16 लाख को पार कर चुका है। दोपहर और शाम तक इस संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
”हर-हर गंगे” के जयघोष से गुंजायमान हुई धर्मनगरी
गंगा दशहरा पर हरिद्वार के घाटों का नजारा पूरी तरह भक्तिमय नजर आ रहा है। हरकी पैड़ी, मालवीय घाट, सुभाष घाट समेत तमाम प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। चारों तरफ “हर-हर गंगे, जय मां गंगे” के जयघोष गूंज रहे हैं। श्रद्धालु न केवल मां गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं, बल्कि घाटों पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना कर रहे हैं।
क्यों खास है ‘गंगा दशहरा’? (धार्मिक महत्व)
हिंदू धर्म शास्त्रों में गंगा दशहरा का विशेष महत्व बताया गया है।
मां गंगा का अवतरण: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को ही राजा भगीरथ की घोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा, भगवान शिव की जटाओं से होकर पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं।
10 पापों से मुक्ति: मान्यता है कि इस पवित्र दिन पर गंगा नदी में स्नान करने और सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य करने से मनुष्य को कायिक, वाचिक और मानसिक समेत कुल दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है। यही वजह है कि इस दिन गंगा स्नान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद: 11 जोन और 27 सेक्टर में बंटा मेला क्षेत्र
श्रद्धालुओं की इस अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े और व्यापक इंतजाम किए हैं:
सुरक्षा बलों की तैनाती: पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से 11 जोन और 27 सेक्टर में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर और जोन में वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पीएसी (PAC), पैरामिलिट्री फोर्स, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) और डॉग स्क्वॉड की टीमें घाटों पर मुस्तैद हैं।
हाईटेक निगरानी: चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए भारी संख्या में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं, जबकि आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ और संवेदनशील इलाकों की लाइव निगरानी की जा रही है।
ट्रैफिक के लिए रूट डायवर्जन प्लान लागू, एसएसपी ने लिया जायजा
हरिद्वार के एसएसपी (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर स्वयं हरकी पैड़ी और मेला क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया:
“गंगा दशहरा और वीकेंड के इस महासंयोग के कारण हरिद्वार में भारी भीड़ है। रविवार को 27 लाख और सोमवार सुबह तक 16 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए हाईवे पर सभी भारी वाहनों (Heavy Vehicles) की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। फिलहाल शहर के मुख्य पार्किंग स्थल अभी पूरी तरह पैक नहीं हुए हैं, लेकिन जैसे ही ये फुल होंगे, वाहनों को बैरागी कैंप स्थित आरक्षित पार्किंग में डायवर्ट कर दिया जाएगा।”
