कर्नाटक कांग्रेस में घमासान: दिल्ली तलब किए गए सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार, कैबिनेट फेरबदल या लीडरशिप चेंज पर कल आ सकता है बड़ा फैसला
कर्नाटक कांग्रेस में घमासान: दिल्ली तलब किए गए सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार, कैबिनेट फेरबदल या लीडरशिप चेंज पर कल आ सकता है बड़ा फैसला
बेंगलुरु/नई दिल्ली: कर्नाटक कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और सत्ता संघर्ष के बीच एक बेहद बड़ी खबर सामने आई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आज (25 मई) रात 7:00 बजे की स्पेशल फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। कांग्रेस आलाकमान ने राज्य के शीर्ष नेतृत्व को अचानक दिल्ली तलब किया है, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भी दिल्ली पहुंचने की पूरी संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, कल (26 मई) सुबह कांग्रेस आलाकमान कर्नाटक सरकार के भविष्य और पार्टी के भीतर जारी विवाद को लेकर कोई बड़ा और निर्णायक फैसला ले सकता है।
मल्लिकार्जुन खरगे के घर सुबह 11 बजे होगी हाई-लेवल मीटिंग
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में कल सुबह 11:00 बजे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास स्थान पर यह बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व (आलाकमान) मौजूद रहेगा। हालांकि, अभी तक यह पूरी तरह साफ नहीं हो सका है कि आलाकमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से एक साथ संयुक्त बैठक करेगा या दोनों नेताओं के साथ अलग-अलग वन-टू-वन चर्चा की जाएगी।
कैबिनेट फेरबदल बनाम लीडरशिप परिवर्तन: क्या है विवाद?
कर्नाटक कांग्रेस में विवाद की मुख्य वजह मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं। सूत्रों का कहना है कि:
सिद्धारमैया की मांग: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया वर्तमान राज्य कैबिनेट में फेरबदल (रिशफल) करना चाहते हैं ताकि नए चेहरों को मौका दिया जा सके और क्षेत्रीय समीकरण साधे जा सकें।
डीके शिवकुमार का रुख: उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इस कैबिनेट फेरबदल के सख्त खिलाफ हैं। उनकी मांग है कि अब राज्य में लीडरशिप परिवर्तन (कमान का बदलाव) होना चाहिए और उन्हें कर्नाटक का नया मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए।
कल होने वाली इस हाई-लेवल मीटिंग में यह तय हो जाएगा कि आलाकमान सिद्धारमैया की कैबिनेट फेरबदल की मांग को हरी झंडी देता है या डीके शिवकुमार के पक्ष में लीडरशिप चेंज का कोई फॉर्मूला लागू करता है।
खाली हो रही 3 राज्यसभा सीटों पर भी होगी माथापच्ची
इस बैठक का एक और बड़ा एजेंडा कर्नाटक से खाली हो रही तीन राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों का चयन करना है।
पहली सीट: इस सीट पर खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नाम को लेकर चर्चा है।
दूसरी सीट: पार्टी इस सीट पर राज्य के मजबूत वोटबैंक यानी किसी ‘लिंगायत’ चेहरे को राज्यसभा भेजने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
तीसरी सीट: इस सीट के लिए फिलहाल कई नामों पर सस्पेंस बना हुआ है, लेकिन रेस में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई के. सुरेश का नाम भी तेजी से आगे चल रहा है।
’मुझे दिल्ली बुलाया गया है, एजेंडा नहीं पता’ – सिद्धारमैया और शिवकुमार के बयान
इस पूरे सियासी ड्रामे के बीच दोनों ही दिग्गज नेताओं के बयान सामने आए हैं, जिसमें दोनों ने ही सस्पेंस बरकरार रखने की कोशिश की है:
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा: “मुझे दिल्ली बुलाया गया है और कल सुबह 11 बजे मैं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करूंगा। कल रात संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मुझे फोन कर इस बैठक की तारीख और समय की सूचना दी थी। हालांकि, मीटिंग का मुख्य विषय या एजेंडा क्या है, इसके बारे में मुझे फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। राजनीति में अटकलें तो हमेशा लगती ही रहती हैं।”
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा: “मुझे नहीं पता कि रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मीडिया से क्या कहा है, मुझसे तो इस बारे में कुछ नहीं बोला गया। हां, अगर मुझे भी आलाकमान द्वारा दिल्ली बुलाया जाता है तो मैं जरूर जाऊंगा, वरना मैं यहीं बेंगलुरु में ही रहूंगा। मुख्यमंत्री बदलने (चेंज) के मसले पर मुझे कोई जानकारी नहीं है और मैं इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।”
