ट्विशा शर्मा केस: AIIMS की टीम ने किया दूसरा पोस्टमार्टम, भाई मेजर हर्षित ने दी मुखाग्नि; परिजनों ने लिखा मार्मिक पत्र
ट्विशा शर्मा केस: AIIMS की टीम ने किया दूसरा पोस्टमार्टम, भाई मेजर हर्षित ने दी मुखाग्नि; परिजनों ने लिखा मार्मिक पत्र
भोपाल: भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मामले में आज एक बेहद गमगीन और भावुक कर देने वाला पल सामने आया। दिल्ली एम्स (AIIMS) की विशेष मेडिकल टीम द्वारा कोर्ट के निर्देश पर किए गए दूसरे पोस्टमार्टम के बाद, ट्विशा के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी गई। भारी मन और आंसुओं से भीगी आंखों के साथ परिजनों ने भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार के रीति-रिवाज निभाए। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित ने चिता को मुखाग्नि दी।
”बेटी को दुल्हन बनाकर विदा किया था, आज अर्थी को कंधा दे रहा हूँ”
अंतिम संस्कार से पहले ट्विशा के पिता और परिवार ने एक बेहद मार्मिक पत्र जारी कर लोगों से इस दुखद घड़ी में शामिल होने की अपील की थी। इस पत्र में एक पिता का दर्द साफ छलक रहा था। उन्होंने लिखा:
”जिस बेटी को कभी गोद में खिलाया, कंधों पर बिठाया और बड़े चाव से दुल्हन बनाकर विदा किया था, आज उसी प्यारी बेटी की अर्थी को कंधा देना पड़ रहा है।”
परिजनों ने कहा कि वे आज सिर्फ ट्विशा को अंतिम विदाई नहीं दे रहे हैं, बल्कि अपने जीवन के सबसे अनमोल और अमूल्य हिस्से को हमेशा के लिए अलविदा कह रहे हैं।
दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों की देखरेख में हुआ पोस्टमार्टम
केस की संवेदनशीलता को देखते हुए और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दिल्ली एम्स (AIIMS) से डॉक्टरों की एक विशेष टीम भोपाल पहुंची थी। कोर्ट के कड़े निर्देश पर गठित इस टीम में 4 वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल थे।
जांच की कमान: यह पूरी प्रक्रिया फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता की अगुआई में संपन्न हुई।
पारदर्शिता पर जोर: आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की मदद से दूसरा पोस्टमार्टम किया गया, ताकि ट्विशा की मौत के असली कारणों को लेकर किसी भी प्रकार का कोई संदेह या उलझन न रह जाए।
एसआईटी (SIT) का शिकंजा: घटनास्थल का हो सकता है रीक्रिएशन
ट्विशा शर्मा मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) भी लगातार एक्शन मोड में है। एसआईटी ने मामले से जुड़े संदिग्धों— गिरिबाला और उनके बेटे सिद्धार्थ को फिलहाल अपने घर के भीतर ही रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी जल्द ही समर्थ को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंच सकती है। वहाँ सबूतों की कड़ियों को जोड़ने के लिए ‘क्राइम सीन’ का सत्यापन और रीक्रिएशन कराया जा सकता है।
जांच में आगे क्या?
जांच एजेंसियां अब केस के हर छोटे-बड़े पहलू को बेहद बारीकी से खंगाल रही हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली एम्स की फॉरेंसिक टीम द्वारा सौंपे जाने वाली दूसरे पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट से इस मामले में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, घटनास्थल के रीक्रिएशन और मेडिकल रिपोर्ट पर ही सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
