तमिलनाडु में ‘इंडिया’ गठबंधन तार-तार: उधयनिधि स्टालिन का कांग्रेस पर तीखा हमला, कहा— “बीजेपी की जीत की असली वजह कांग्रेस ही है”
तमिलनाडु में ‘इंडिया’ गठबंधन तार-तार: उधयनिधि स्टालिन का कांग्रेस पर तीखा हमला, कहा— “बीजेपी की जीत की असली वजह कांग्रेस ही है”
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में आया भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। चुनाव में मिली करारी हार और ‘इंडिया’ गठबंधन की प्रमुख सहयोगी रही कांग्रेस द्वारा पाला बदलकर नई सरकार में शामिल होने से डीएमके (DMK) बेहद आक्रामक रुख में है। अब पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और विधानसभा में नेता विपक्ष उधयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए बेहद तीखा हमला बोला है।
उधयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए यहाँ तक कह दिया कि देश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लगातार हो रही चुनावी जीतों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से ज्यादा खुद कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है।
”पहले मोदी-शाह को श्रेय देता था, अब कांग्रेस को जाता है”
चेन्नई के अन्ना इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट्स एंड साइंस में आयोजित ‘डीएमके यूथ विंग’ की एक महत्वपूर्ण बैठक में उधयनिधि स्टालिन ने कहा:
”पहले मैं मानता था कि बीजेपी की सफलता का पूरा श्रेय पीएम मोदी और अमित शाह की रणनीतियों को जाता है। लेकिन तमिलनाडु के घटनाक्रम के बाद अब मेरा मानना है कि बीजेपी की जीत के पीछे की असली वजह कांग्रेस ही है। कांग्रेस पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए और उसे अपने करीब भी नहीं आने देना चाहिए।”
क्यों पैदा हुई DMK और कांग्रेस में यह ‘नई दुश्मनी’?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने डीएमके को दोहरा झटका दिया है:
टीवीके की ऐतिहासिक जीत: थलापति विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डीएमके को सत्ता से बेदखल कर दिया है और विजय राज्य के नए मुख्यमंत्री बन चुके हैं।
कांग्रेस का पाला बदलना: चुनाव नतीजों के तुरंत बाद धुर-विरोधी रही कांग्रेस ने डीएमके से दूरी बना ली। कांग्रेस न सिर्फ टीवीके प्रमुख विजय की सरकार को सशर्त समर्थन दे रही है, बल्कि नई सरकार के मंत्रिमंडल में भी शामिल हो गई है।
गौरतलब है कि साल 2026 के इस विधानसभा चुनाव में DMK को महज 59 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ 5 सीटें आईं।
डीएमके यूथ विंग ने प्रस्ताव पास कर कहा— ‘कांग्रेस ने दिया धोखा’
चुनावी शिकस्त के बाद चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में डीएमके यूथ विंग की यह पहली बड़ी बैठक थी, जिसमें पूर्व सीएम एमके स्टालिन भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान यूथ विंग ने कांग्रेस के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव भी पारित किया।
प्रस्ताव के मुख्य बिंदु:
कांग्रेस ने पिछले कई वर्षों से तमिलनाडु में डीएमके कार्यकर्ताओं (कैडर्स) के खून-पसीने और प्रयासों के दम पर ही अपने विधायक और सांसद जिताए हैं।
इस चुनाव में भी कांग्रेस को जो 5 सीटें मिली हैं, वह डीएमके कार्यकर्ताओं की जमीनी मेहनत का ही नतीजा थीं।
कांग्रेस ने चुनाव से ठीक पहले डीएमके विधायकों के समर्थन का फायदा उठाकर राज्यसभा की सीट हासिल की, लेकिन चुनाव खत्म होते ही बिना कोई आभार जताए अचानक पाला बदल लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि तमिलनाडु का यह घटनाक्रम न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के भविष्य पर बड़े सवालिया निशान खड़े करता है।
