अन्तर्राष्ट्रीय

​राजनयिक संकट: इजरायली मंत्री इतामार बेन-गवीर के फ्रांस प्रवेश पर प्रतिबंध, फ्रांसीसी नागरिकों के साथ ‘अस्वीकार्य’ व्यवहार पर कड़ा एक्शन

​राजनयिक संकट: इजरायली मंत्री इतामार बेन-गवीर के फ्रांस प्रवेश पर प्रतिबंध, फ्रांसीसी नागरिकों के साथ ‘अस्वीकार्य’ व्यवहार पर कड़ा एक्शन

​पेरिस/यरूशलम: इजरायल और फ्रांस के बीच राजनयिक तनाव बेहद गंभीर स्तर पर पहुँच गया है। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने शनिवार को एक बड़ा एलान करते हुए इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर (Itamar Ben-Gvir) के फ्रांस में प्रवेश करने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। फ्रांस सरकार ने यह सख्त कदम गाजा जा रहे मानवीय सहायता दल (फ्लोटिला) में शामिल फ्रांसीसी और यूरोपीय नागरिकों के साथ किए गए ‘अस्वीकार्य’ व्यवहार के विरोध में उठाया है।

​विदेश मंत्री बैरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में साफ शब्दों में कहा,

​”हम किसी भी कीमत पर यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि फ्रांसीसी नागरिकों को डराया-धमकाया जाए या उनके साथ हिंसा की जाए। खासकर तब, जब ऐसा व्यवहार किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति (इजरायली मंत्री) की ओर से किया गया हो।”

​वायरल वीडियो ने भड़काया फ्रांस का गुस्सा

​समाचार एजेंसी ‘सिन्हुआ’ की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को गाजा की ओर जा रहे ‘ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ को इजरायली नौसेना ने समुद्र में रोक लिया था और कार्यकर्ताओं को इजरायल के अशदोद बंदरगाह पर लाया गया था। इसके बाद इजरायली मंत्री बेन-गवीर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसने वैश्विक स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया।

​इस वीडियो में दर्जनों कार्यकर्ताओं को जबरन घुटनों के बल जमीन पर बैठाया गया था, उनके सिर नीचे झुके थे और हाथ पीछे ‘जिप टाई’ (हथकड़ी) से बंधे हुए थे। इसी दौरान पृष्ठभूमि में बेहद तेज आवाज में इजरायल का राष्ट्रीय गान बजाया जा रहा था। फ्रांस ने इस व्यवहार को अमानवीय और अपमानजनक करार दिया है।

​428 कार्यकर्ताओं को ‘अगवा’ करने का आरोप

​सहायता अभियान (फ्लोटिला) के आयोजकों का दावा है कि इजरायली नौसेना ने सभी जहाजों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में ही जबरन रोक लिया था, जो गाजा तट से लगभग 250 समुद्री मील दूर था। आयोजकों के अनुसार, सोमवार सुबह शुरू हुई इस सैन्य कार्रवाई में विभिन्न देशों के 428 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को इजरायल द्वारा ‘अगवा’ कर लिया गया।

​इस घटना के बाद फ्रांस के विदेश मंत्री ने यूरोपीय संघ (EU) से भी अपील की है कि वे इजरायली मंत्री इतामार बेन-गवीर पर सामूहिक प्रतिबंध लगाएं। इसके साथ ही इजरायल में तैनात फ्रांस के राजदूत जोशुआ एल. ज़ार्का को भी इस मुद्दे पर जवाब-तलब करने के लिए बुलाया जाएगा।

​दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई

​इस हफ्ते की शुरुआत में इजरायली बलों ने गाजा की ओर बढ़ रहे दो अन्य मानवीय सहायता फ्लोटिला को भी निशाना बनाया था, जिनमें एशियाई और अमेरिकी कार्यकर्ता सवार थे:

​लीना अल नबुलसी जहाज: इसमें दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ता किम आह-ह्युन और कोरियाई-अमेरिकी कार्यकर्ता जोनाथन विक्टर ली सवार थे।

​क्युरियाकोस एक्स फ्लोटिला: इसमें दक्षिण कोरियाई नागरिक किम डोंग-ह्योन मौजूद थे।

​इन दोनों जहाजों को भी इजरायली सेना ने आगे बढ़ने से रोक दिया। हालांकि, बाद में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इजरायल ने दक्षिण कोरियाई नागरिकों (किम आह-ह्युन और किम डोंग-ह्योन) को हिरासत से रिहा कर दिया है। इस घटना के बाद गाजा में मानवीय मदद भेजने वाले देशों और इजरायल के बीच तनाव और गहराने की आशंका है।

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