25 मई से शुरू हो रहा है ‘नौतपा’: बिना AC के भी शिमला जैसा ठंडा रहेगा आपका कमरा, अपनाएं NHM के ये असरदार टिप्स
25 मई से शुरू हो रहा है ‘नौतपा’: बिना AC के भी शिमला जैसा ठंडा रहेगा आपका कमरा, अपनाएं NHM के ये असरदार टिप्स
देशभर में भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हो चुका है और सूरज के तेवर दिन-ब-दिन कड़े होते जा रहे हैं। इसी बीच 25 मई से 2 जून तक ‘नौतपा’ (Nautapa) का दौर भी शुरू होने वाला है। ज्योतिष और मौसम विज्ञान के अनुसार, नौतपा के इन 9 दिनों में सूर्य पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है, जिससे गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है।
भीषण लू और तपिश के इस दौर में सिर्फ खुद को हाइड्रेटेड रखना ही काफी नहीं है, बल्कि अपने घर और कमरों को भी ठंडा रखना एक बड़ी चुनौती है। अगर आपके घर में एयर कंडीशनर (AC) नहीं है, तो परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, कुछ बेहद आसान और प्राकृतिक घरेलू उपायों को अपनाकर आप बिना एसी के भी अपने कमरे को काफी हद तक कूल और आरामदायक बना सकते हैं।
आइए जानते हैं कमरा ठंडा रखने के वो बेहतरीन टिप्स:
1. दिन में खिड़कियां और पर्दे रखें पूरी तरह बंद
दोपहर की गर्म हवा (लू) और सूरज की सीधी किरणें कमरे को भट्टी बना देती हैं।
क्या करें: सुबह धूप तेज होने से पहले ही कमरे की खिड़कियां और दरवाजे बंद कर लें।
परदों का चयन: कमरे में मोटे और हल्के रंग (जैसे सफेद, क्रीम) के पर्दे लगाएं। हल्के रंग गर्मी को रिफ्लेक्ट (परावर्तित) करते हैं, जिससे कमरा गर्म नहीं होता।
2. रात के समय करें ‘क्रॉस वेंटिलेशन’
शाम को जब सूरज ढल जाए और बाहर का तापमान कुछ कम हो, तब घर की खिड़कियों को खोलें।
फायदा: कमरे के आमने-सामने (विपरीत दिशा) की खिड़कियां खोलने से ‘क्रॉस वेंटिलेशन’ होता है। इससे कमरे के भीतर जमा दिनभर की उमस और गर्म हवा बाहर निकल जाती है और ठंडी हवा का बहाव बेहतर होता है।
3. छत को ठंडा रखने का उपाय
अगर आप सबसे ऊपरी मंजिल (Top Floor) पर रहते हैं, तो सीधी धूप के कारण छत बहुत ज्यादा तपती है।
क्या करें: शाम के समय छत पर पानी का छिड़काव करें। इसके अलावा, आजकल बाजार में आने वाले सफेद चूने या रिफ्लेक्टिव हीट-प्रूफ पेंट को छत पर करवा सकते हैं। यह सूरज की गर्मी को सोखने से रोकता है।
4. घर के अंदर लगाएं इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants)
पेड़-पौधे प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर और कूलर का काम करते हैं।
फायदा: कमरे में मनी प्लांट, एलोवेरा, स्नेक प्लांट या एरेका पाम जैसे इंडोर प्लांट्स रखें। ये पौधे ट्रांसपिरेशन (वाष्पोत्सर्जन) की प्रक्रिया के जरिए हवा में नमी बनाए रखते हैं, जिससे कमरे का तापमान प्राकृतिक रूप से कम होता है।
5. हीट पैदा करने वाले उपकरणों से दूरी
घर के अंदर चलने वाले बिजली के उपकरण भी बड़े पैमाने पर गर्मी पैदा करते हैं।
क्या करें: दोपहर के वक्त ओवन, गैस चूल्हा, कंप्यूटर या भारी इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल कम से कम करें। जरूरत न होने पर लाइटें बंद रखें, क्योंकि पारंपरिक बल्ब और सीएफएल भी कमरा गर्म करते हैं।
6. सूती चादर और ढीले कपड़ों का करें चुनाव
गर्मी से बचने के लिए हमारे पहनावे और बिस्तरों का सही होना बेहद जरूरी है।
बिस्तर: सिंथेटिक या साटन की चादरों की जगह 100% प्योर कॉटन (सूती) की चादरें बिछाएं। सूती कपड़ा हवा को आर-पार जाने देता है और पसीना सोखता है।
पहनावा: शरीर को ठंडा रखने के लिए हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े ही पहनें।
7. फ्रिज के बजाय मिट्टी के घड़े का पानी अपनाएं
सेहत और ठंडक दोनों के लिहाज से मिट्टी का बर्तन सबसे बेस्ट है।
फायदा: फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी पीने के बजाय मिट्टी के घड़े या सुराही का पानी पीएं। मिट्टी के बर्तनों में प्राकृतिक रूप से पानी ठंडा होता है, जो शरीर को अंदरूनी रूप से शीतलता प्रदान करता है और लू से बचाता है।
बिजली की बचत और बेहतर सेहत:
एनएचएम के ये छोटे-छोटे बदलाव न सिर्फ आपके कमरे को ठंडा रखेंगे, बल्कि भारी-भरकम बिजली बिल से भी राहत दिलाएंगे। प्राकृतिक तरीकों से घर को ठंडा रखना पर्यावरण और आपकी सेहत दोनों के लिए एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है। इस नौतपा में इन उपायों को आजमाएं और गर्मी को मात दें।
