नासिक टीसीएस धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामला: पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की 1500 पन्नों की चार्जशीट, एसआईटी जांच में कई बड़े खुलासे
नासिक टीसीएस धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामला: पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की 1500 पन्नों की चार्जशीट, एसआईटी जांच में कई बड़े खुलासे
नासिक: नासिक के बहुराष्ट्रीय कंपनी टीसीएस (TCS) धर्मांतरण और महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने नासिक रोड स्थित विशेष न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ 1500 पन्नों का विस्तृत आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (एट्रोसिटी एक्ट) के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। न्यायालय ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज कर दी हैं।
इन आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुआ आरोप पत्र
पुलिस ने इस मामले में मुख्य रूप से चार आरोपियों के खिलाफ नामजद चार्जशीट पेश की है:
दानिश इजाज शेख
तौसिफ बिलाल अत्तार
निदा एजाज खान
मतीन माजिद पटेल (एआईएमआईएम – AIMIM के पूर्व पार्षद)
इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एट्रोसिटी एक्ट 1989 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
जांच में मिले डिजिटल सबूत, मूल दस्तावेज भी जब्त
विशेष जांच दल (SIT) ने इस मामले में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाया है, जिससे आरोपियों पर लगे आरोप मजबूत होते हैं:
17 गवाहों के बयान: चार्जशीट में मामले से जुड़े 17 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही पीड़िता और आरोपियों की मेडिकल जांच रिपोर्ट को भी सबूत के तौर पर शामिल किया गया है।
व्हाट्सएप चैट और ईमेल ट्रेल: पीड़िता के जबरन धर्मांतरण और उसे मानसिक व धार्मिक रूप से प्रताड़ित करने के पुख्ता तकनीकी सबूत मिले हैं, जिनमें मोबाइल व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट और ईमेल ट्रेल शामिल हैं।
मूल दस्तावेज जब्त: आरोपियों ने पीड़िता का धर्म और नाम बदलने के इरादे से उसके मूल (ओरिजिनल) दस्तावेज अपने पास रख लिए थे, जिन्हें पुलिस ने छापेमारी के दौरान जब्त कर लिया है।
अन्य साक्ष्य: पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा, आरोपियों के बैंक खातों के स्टेटमेंट, जाति प्रमाण पत्र और अपराध को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया वाहन भी साक्ष्य के तौर पर कोर्ट के सामने पेश किया है।
कुल 9 मामले हैं दर्ज; पूरक चार्जशीट भी होगी पेश
नासिक शहर के पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के आदेश पर गठित एसआईटी इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है। टीसीएस कंपनी से जुड़े इस विवाद में देवलाली कैंप और मुंबई नाका पुलिस स्टेशनों में कुल मिलाकर 9 मामले दर्ज किए गए हैं।
फिलहाल देवलाली कैंप वाले मामले में यह प्राथमिक आरोप पत्र दाखिल किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 193 (8) के तहत मामले से जुड़े कुछ और अतिरिक्त सबूत जुटा रहे हैं, जिन्हें बाद में पूरक आरोप पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) के जरिए कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके अलावा, मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज अन्य 8 मामलों में भी तय समय सीमा के भीतर जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है।
