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पैनिक बाइंग से बचें, देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक: पेट्रोलियम मंत्रालय

पैनिक बाइंग से बचें, देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक: पेट्रोलियम मंत्रालय

​नई दिल्ली: देश के कुछ हिस्सों में ईंधन की कमी की अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर आम जनता से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (रसोई गैस) की घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) न करने की पुरजोर अपील की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने शुक्रवार को देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि देशभर में ईंधन की कोई कमी नहीं है और इसकी आपूर्ति (सप्लाई चेन) पूरी तरह स्थिर और मजबूत बनी हुई है।

​मंत्रालय ने स्वीकार किया कि कुछ पेट्रोल पंपों पर अचानक बढ़ी मांग के कारण अस्थायी दबाव जरूर देखा गया है, लेकिन ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) लगातार सप्लाई की निगरानी कर रही हैं और समन्वित वितरण के जरिए स्थिति को पूरी तरह संभाल लिया गया है।

​वास्तविक जरूरत के अनुसार ही खरीदें ईंधन, अफवाहों पर न दें ध्यान

​पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए नागरिकों से जिम्मेदार उपभोक्ता बनने का आग्रह किया है। मंत्रालय के अनुसार:

​पैनिक बाइंग से बचें: नागरिक केवल अपनी वास्तविक जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। बेवजह स्टॉक करने या अफवाहों के चक्कर में आकर पैनिक बाइंग करने से बचें।

​सहयोग की अपील: इस अधिक मांग वाले दौर में जनता का सहयोग और जिम्मेदार खपत ही सभी के लिए ईंधन की सुचारू व निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने में सबसे मददगार साबित होगी।

​आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा: सरकार ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में लोगों को आगाह किया कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें।

​एलपीजी सिलेंडर की रिकॉर्ड डिलीवरी, कालाबाजारी पर लगाम

​सप्लाई व्यवस्था कितनी मजबूत है, इसे स्पष्ट करने के लिए मंत्रालय ने एलपीजी वितरण से जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण और रिकॉर्ड आंकड़े भी जारी किए हैं:

​99% ऑनलाइन बुकिंग: 20 मई को ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग उद्योग के स्तर पर लगभग 99 प्रतिशत तक पहुंच गई।

​कालाबाजारी पर रोक: सिलेंडरों की कालाबाजारी और उनके कमर्शियल डायवर्जन को रोकने के लिए सरकार ने ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) आधारित व्यवस्था को तेज कर दिया है। वर्तमान में डीएसी आधारित डिलीवरी बढ़कर करीब 96 प्रतिशत हो गई है।

​मांग से ज्यादा डिलीवरी: पिछले तीन दिनों में देश में लगभग 1.32 करोड़ एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग के मुकाबले करीब 1.34 करोड़ सिलेंडरों की सफल डिलीवरी की गई। अकेले बुधवार को ही 45.36 लाख बुकिंग के मुकाबले 47.51 लाख सिलेंडर उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचाए गए।

​पीएनजी कनेक्शन और नए कस्मटर्स का भी हुआ विस्तार

​शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और नए गैस कनेक्शनों को लेकर भी सरकार ने अपनी प्रगति रिपोर्ट साझा की है:

​5 किलो वाले सिलेंडर: पिछले तीन दिनों में छोटे उपभोक्ताओं और प्रवासियों के लिए करीब 1.87 लाख (5 किलो वाले) एफटीएल (Free Trade LPG) सिलेंडरों की बिक्री की गई है।

​पीएनजी का विस्तार: इस साल मार्च महीने से लेकर अब तक देश में लगभग 7.64 लाख नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय (एक्टिव) किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 2.81 लाख नए कनेक्शनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है, जिससे कुल 10.45 लाख पीएनजी कनेक्शनों का विस्तार हुआ है।

​नए पंजीकरण: इस दौरान करीब 7.99 लाख नए ग्राहकों ने भी एलपीजी गैस कनेक्शन के लिए अपना पंजीकरण कराया है।

​पेट्रोलियम मंत्रालय ने अंत में साफ तौर पर दोहराया है कि बढ़ती मांग और नए उपभोक्ताओं की संख्या में इजाफे के बावजूद देश का पूरा एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी क्षमता से काम कर रहा है, इसलिए जनता को किसी भी तरह से घबराने या परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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