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वोल्वो का बड़ा फैसला: आग लगने के खतरे के चलते 40,000 लग्जरी EV गाड़ियां वापस बुलाई गईं, भारत पर असर नहीं

वोल्वो का बड़ा फैसला: आग लगने के खतरे के चलते 40,000 लग्जरी EV गाड़ियां वापस बुलाई गईं, भारत पर असर नहीं

​नई दिल्ली / बैंकॉक: ​दुनियाभर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती मांग के बीच उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वीडन की मशहूर लग्जरी कार निर्माता कंपनी वोल्वो (Volvo) की लोकप्रिय इलेक्ट्रिक एसयूवी EX30 को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। गाड़ी की हाई-वोल्टेज बैटरी में आई तकनीकी खराबी के कारण आग लगने का खतरा पैदा हो गया है, जिसके बाद कंपनी को वैश्विक स्तर पर 40,000 से अधिक गाड़ियों को वापस बुलाना (Recall) पड़ा है।

​हाल ही में थाईलैंड में चार्जिंग के दौरान हुई दो अग्नि दुर्घटनाओं ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जिसके बाद वहां के उपभोक्ता संरक्षण अधिकारियों ने मामले की कड़े स्तर पर जांच शुरू कर दी है।

​थाईलैंड में चार्जिंग के दौरान लगी आग ने बढ़ाई चिंता

​इस पूरे विवाद को हवा तब मिली जब हाल ही में (15 मई 2026 को) एक ग्राहक के घर पर चार्जिंग के दौरान वोल्वो EX30 में अचानक आग लग गई। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसे सामान्य खराबी न मानकर एक बड़ा खतरा माना है।

​थाईलैंड के अधिकारियों ने मामले को आंतरिक समिति के पास भेजकर कंपनी से विस्तृत कार्ययोजना और प्रॉडक्ट टेस्टिंग के दस्तावेज मांगे हैं। फिलहाल थाईलैंड में मौजूद करीब 1,668 गाड़ियों को वापस बुलाने की मांग की जा रही है, जिससे वाहन मालिकों के बीच चिंता का माहौल है।

​क्या है तकनीकी खराबी और पहले भी आई थी चेतावनी?

​विशेषज्ञों और तकनीकी जांच के अनुसार, यह समस्या वोल्वो EX30 के हाई-वोल्टेज बैटरी सेल्स में मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण संबंधी) खराबी के कारण हो रही है। ये सेल्स एक जॉइंट वेंचर प्रोजेक्ट के तहत तैयार किए गए थे। अधिक तापमान होने पर इन बैटरी सेल्स के भीतर असामान्य रासायनिक प्रतिक्रिया होती है, जिससे थर्मल रनअवे (Thermal Runaway) यानी आग लगने का खतरा पैदा हो जाता है।

​गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में ही कंपनी ने ग्राहकों को एक विशेष चेतावनी जारी कर दी थी। उस समय वाहन मालिकों को सलाह दी गई थी कि वे अपनी गाड़ी को 70 प्रतिशत से अधिक चार्ज न करें, क्योंकि फुल चार्जिंग की स्थिति में बैटरी के अत्यधिक गर्म होने का खतरा था।

​वैश्विक स्तर पर 40,000 गाड़ियां प्रभावित, फ्री में बदली जाएगी बैटरी

​फरवरी 2026 में वोल्वो ने आधिकारिक तौर पर इस ग्लोबल रिकॉल की पुष्टि की थी। कंपनी के मुताबिक, इस समस्या से 40 हजार से अधिक गाड़ियां प्रभावित हुई हैं। इनमें मुख्य रूप से बड़ी क्षमता वाली बैटरी वाले मॉडल शामिल हैं, जैसे:

​लॉन्ग-रेंज सिंगल मोटर वर्जन (Long-Range Single Motor)

​ट्विन मोटर परफॉर्मेंस वर्जन (Twin Motor Performance)

​राहत की बात यह है कि छोटी बैटरी वाले स्टैंडर्ड (मानक) वर्जन इस खराबी से पूरी तरह सुरक्षित हैं। वोल्वो ने प्रभावित ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि उनके बैटरी मॉड्यूल को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क (फ्री ऑफ कॉस्ट) के बदला जाएगा।

​वोल्वो की ग्राहकों को सख्त सलाह: इमारतों के पास न करें चार्ज

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वोल्वो ने प्रभावित कार मालिकों के लिए कुछ कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

​अपनी गाड़ी की बैटरी को केवल 70% तक ही चार्ज करें।

​गाड़ी को चार्ज करते समय उसे घर, आवासीय इमारतों या किसी भी बंद स्थान (जैसे कवर्ड पार्किंग) के पास खड़ा न करें।

​जानकारों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल कारों की तुलना में ईवी (EV) की बैटरी में लगी आग बहुत तेजी से फैलती है और इसका तापमान इतना अधिक होता है कि इस पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

​भारतीय ग्राहकों के लिए राहत की खबर

​भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार और यहां के वोल्वो ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि भारत में बिकने वाली वोल्वो EX30 गाड़ियों पर इस रिकॉल का कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी के सूत्रों के अनुसार, भारत में बेची गई गाड़ियां एक अलग बैच की हैं और उनमें इन खराब बैटरी सेल्स का उपयोग नहीं किया गया था। इसके बावजूद, वैश्विक स्तर पर आई इस खबर के बाद भारतीय ईवी खरीदारों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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