गुरुग्राम में बड़ा बिजली संकट: सेक्टर-72 का मुख्य ट्रांसफार्मर जलने से 7 सब-स्टेशन ठप, रैपिड मेट्रो थमी, ट्रैक पर पैदल चले यात्री
गुरुग्राम में बड़ा बिजली संकट: सेक्टर-72 का मुख्य ट्रांसफार्मर जलने से 7 सब-स्टेशन ठप, रैपिड मेट्रो थमी, ट्रैक पर पैदल चले यात्री
गुरुग्राम: दिल्ली-एनसीआर में जारी भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ बिजली की मांग के बीच गुरुग्राम में एक बड़ा बिजली संकट खड़ा हो गया है। सेक्टर-72 स्थित 220 केवीए (KVA) बड़े बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर अचानक जल गया है। इस बड़े हादसे के कारण शहर के 7 मुख्य बिजली घर (सब-स्टेशन) पूरी तरह से ठप हो गए हैं, जिससे आधे से ज्यादा गुरुग्राम में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन गई है।
इस बिजली संकट का सीधा और बड़ा असर गुरुग्राम की रैपिड मेट्रो (Rapid Metro) सेवा पर पड़ा है, जो पिछले एक घंटे से अधिक समय से पूरी तरह बाधित है।
रैपिड मेट्रो थमी: ट्रैक पर पैदल चलने को मजबूर हुए यात्री
देर शाम और रात के समय जब हजारों की संख्या में कामकाजी लोग अपने दफ्तरों से घर लौटने के लिए रैपिड मेट्रो स्टेशनों पर पहुंचे, तो ट्रेनें पूरी तरह बंद मिलीं।
हजारों यात्री प्रभावित: अचानक मेट्रो सेवा ठप होने से स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर भारी भीड़ जमा हो गई। बिजली गुल होने से ट्रेनों के एसी और लाइटें बंद हो गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ट्रैक पर चले लोग: सोशल मीडिया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेट्रो के बीच रास्ते में रुक जाने के कारण आपातकालीन स्थिति में लोग मेट्रो की ऊंची लाइनों (ट्रैक) पर पैदल चलकर सुरक्षित स्टेशनों तक पहुंचते देखे गए।
ये इलाके हुए सबसे ज्यादा प्रभावित
मुख्य ट्रांसफार्मर जलने की वजह से गुरुग्राम के 7 बड़े (66 केवीए) सब-स्टेशन पूरी तरह बंद हो गए हैं। इनमें निम्नलिखित बिजली घर शामिल हैं:
सेक्टर-15, सेक्टर-38, सेक्टर-44, सेक्टर-46, सेक्टर-52, सेक्टर-56 और मारुति सब-स्टेशन।
इसके कारण सेक्टर-38 से लेकर सेक्टर-57 तक के विस्तृत रिहायशी इलाके, सेक्टर-15 पार्ट-1 और पार्ट-2, तथा सेक्टर-18 के औद्योगिक व आवासीय क्षेत्रों में पूरी तरह से बिजली गुल हो चुकी है।
मरम्मत में लगेंगे 8 से 10 घंटे; देर रात तक बहाली की उम्मीद
बिजली विभाग और विद्युत निगम के अधिकारी व इंजीनियरों की टीमें सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच चुकी हैं और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है।
बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जले हुए मुख्य ट्रांसफार्मर को बदलने या ठीक करने में कम से कम 8 से 10 घंटे का लंबा समय लग सकता है। विभाग को उम्मीद है कि पूरी ताकत झोंकने के बाद देर रात या सुबह तक बिजली की सप्लाई को आंशिक और पूर्ण रूप से बहाल किया जा सकेगा। दिल्ली-एनसीआर में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच इस तरह बिजली गुल होने से लाखों लोगों की रातें बिना पंखे और एसी के कटने की नौबत आ गई है।
