माउंट एवरेस्ट फतह कर नीचे उतर रहे दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत, थक जाने के कारण गाइड भी नहीं बचा सके जान
माउंट एवरेस्ट फतह कर नीचे उतर रहे दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत, थक जाने के कारण गाइड भी नहीं बचा सके जान
काठमांडू / नई दिल्ली: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। एवरेस्ट फतह करने का अपना सपना पूरा करने के बाद नीचे उतरते समय दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत हो गई है। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के एक अधिकारी ने शुक्रवार, 22 मई को इस दर्दनाक घटना की पुष्टि की है।
मृतक पर्वतारोहियों की पहचान अरुण कुमार तिवारी और संदीप आरे के रूप में हुई है। नेपाल एक्सपीडिशन ऑपरेटर्स एसोसिएशन के महासचिव ऋषि भंडारी ने बताया कि दोनों पर्वतारोही दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराने के बाद जब नीचे उतर रहे थे, तब वे अत्यधिक थकान (एग्जॉशन) का शिकार हो गए। उनके साथ मौजूद शेरपा गाइडों ने उन्हें सुरक्षित नीचे लाने और बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके।
एक ने बुधवार तो दूसरे ने गुरुवार को फतह किया था एवरेस्ट
ऋषि भंडारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों पर्वतारोहियों ने अलग-अलग दिन एवरेस्ट के शिखर पर पहुंचने में कामयाबी हासिल की थी:
संदीप आरे: संदीप आरे ने बुधवार को एवरेस्ट फतह किया था। नीचे उतरने के दौरान तबीयत बिगड़ने और अत्यधिक थकान के कारण गुरुवार को उनकी मौत हो गई।
अरुण कुमार तिवारी: अरुण कुमार तिवारी गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचे थे। उनकी मौत कब और किस समय हुई, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
गाइडों के अनुसार, चोटी से वापस बेस कैंप की तरफ आते समय दोनों पर्वतारोहियों का शरीर बुरी तरह थक चुका था और पहाड़ों पर ऑक्सीजन की कमी व भीषण ठंड के बीच उन्होंने दम तोड़ दिया। इस मामले में अभी और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
एवरेस्ट पर बना था एक दिन में चढ़ाई का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड
यह दुखद घटना ऐसे समय में हुई है जब माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई का एक नया विश्व रिकॉर्ड बना है। बुधवार को संदीप आरे समेत तीन भारतीय उन 274 पर्वतारोहियों के दल में शामिल थे, जिन्होंने एक ही दिन में 8,848.86 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई पूरी की थी। यह इतिहास में एक ही दिन में एवरेस्ट फतह करने वाले पर्वतारोहियों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या का नया रिकॉर्ड है।
इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनने वाले अन्य दो भारतीयों के नाम तुलसी रेड्डी पालपुनूरी और अजय पाल सिंह ढालीवाल हैं, जो सुरक्षित हैं। इसके अगले दिन यानी गुरुवार को भी भारत के एक और पर्वतारोही लक्ष्मीकांत मंडल ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचने का गौरव हासिल किया था। लेकिन इस बड़ी उपलब्धि के बीच दो भारतीय जांबाजों की मौत की खबर ने पर्वतारोहण जगत को स्तब्ध और गमगीन कर दिया है।
