‘एनडीए राज में मेलोडी पर लगाम लगाने की कोई रेमेडी नहीं’: तेजस्वी यादव का केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला
‘एनडीए राज में मेलोडी पर लगाम लगाने की कोई रेमेडी नहीं’: तेजस्वी यादव का केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला
पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए केंद्र की मोदी सरकार और बिहार की एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने देश की अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और गिरते रुपये को लेकर सरकार की आर्थिक नीतियों को पूरी तरह ‘विजनलेस’ (दिशाहीन) करार दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों को याद दिलाते हुए कहा कि आज देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है और डबल-इंजन सरकार के पास इसका कोई ठोस रोडमैप नहीं है।
’एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बना रुपया’
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल 2013 के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए उन पर तंज कसा। तेजस्वी ने कहा:
”25 जुलाई 2013 को प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने कहा था कि केंद्र सरकार और रुपये के गिरने का कॉम्पिटिशन चल रहा है कि कौन कितना गिरेगा? आज सच यह है कि रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचकर पूरे एशिया में सबसे कमजोर मुद्रा बन चुका है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रुपये में लगातार गिरावट का यह आठवां साल है और विगत 12 वर्षों में रुपया अपनी आधी कीमत खो चुका है।”
’जीडीपी में बांग्लादेश से भी पीछे है भारत’
केंद्र सरकार के आर्थिक दावों पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि देशवासियों को गुमराह करने के लिए प्रधानमंत्री बार-बार कहते हैं कि भारत दुनिया की शीर्ष बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। लेकिन अगर असलियत देखी जाए और अमेरिकी डॉलर में प्रति व्यक्ति जीडीपी (Per Capita GDP) के आंकड़े निकाले जाएं, तो भारत दुनिया में 146वें नंबर पर आता है, जो कि पड़ोसी देश बांग्लादेश से भी पीछे है। एनडीए सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आज महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी ने देश में अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
आम जनता की पहुंच से बाहर हुईं रोजमर्रा की चीजें
तेजस्वी यादव ने देश और विशेषकर बिहार के वित्तीय हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अब घर चलाना नामुमकिन होता जा रहा है। उन्होंने बढ़ती कीमतों की सूची गिनाते हुए कहा:
घरेलू सामान: एलपीजी गैस, पेट्रोल-डीजल, राशन, खाने का तेल, दाल और दूध के दाम आम लोगों के बजट से बाहर हो चुके हैं।
बुनियादी जरूरतें: पढ़ाई, दवाई, सिंचाई और किसानों के लिए खाद-बीज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे खानपान से लेकर यातायात तक सब कुछ महंगा हो गया है।
’डबल इंजन सरकार में ट्रबलिंग रेट पर बढ़ रही है बेरोजगारी’
बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य के वित्तीय हालात सबसे खराब हैं और यहां शासन का संचालन ऐसे हो रहा है मानो सरकार का कोई अस्तित्व ही न हो। एनडीए सरकार को आम जनता की तकलीफों की जरा भी फिक्र नहीं है।
अपने चिरपरिचित अंदाज में तंज कसते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “देश के प्रधान और डबल-इंजन सरकार के पास महंगाई की इस ‘मेलोडी’ पर लगाम लगाने की कोई ‘रेमेडी’ (इलाज) नहीं है। इस शासन में बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई ‘ट्रबलिंग रेट’ पर कई गुना रफ्तार से बढ़ रही है।”
