पीएम मोदी की ‘वेडिंग-इन-इंडिया’ और घरेलू पर्यटन की अपील से चमकेगा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर: HAI
पीएम मोदी की ‘वेडिंग-इन-इंडिया’ और घरेलू पर्यटन की अपील से चमकेगा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर: HAI
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से शादियां (वेडिंग डेस्टिनेशन), कॉन्फ्रेंस, छुट्टियां और अन्य बड़े आयोजन विदेशों के बजाय भारत के भीतर ही करने की अपील ने देश के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ा आर्थिक अवसर खड़ा कर दिया है। ‘होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (HAI) ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री का यह विजन देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
उद्योग संगठन के अनुसार, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की यह मुहिम ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अस्थिरता, धीमी आर्थिक वृद्धि और बदलते ट्रैवल पैटर्न के कारण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार की तस्वीर तेजी से बदल रही है। ऐसे में भारत के पास दुनिया के सबसे पसंदीदा और सुरक्षित पर्यटन स्थलों में शुमार होने का यह एक बेहतरीन मौका है।
पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय में 25 से 30% बढ़ोतरी का अनुमान
होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) के मुताबिक, प्रधानमंत्री की इस पहल का सकारात्मक असर केवल देश के लोगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह बड़े पैमाने पर विदेशी पर्यटकों और विदेशी पूंजी को भी आकर्षित करेगा।
आर्थिक लाभ: विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने से देश के होटल, खानपान, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं, रिटेल (बाजार) और मनोरंजन के क्षेत्रों में खर्च बढ़ेगा।
विदेशी मुद्रा भंडार: उद्योग संगठन का अनुमान है कि पर्यटन क्षेत्र में आ रही इस तेजी की बदौलत आने वाले वर्षों में भारत की विदेशी मुद्रा आय (Foreign Exchange Earnings) में 25 से 30 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में आएगा बूम, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मिलेंगे रोजगार
एसोसिएशन को उम्मीद है कि देश के भीतर पर्यटन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए होटल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भारी निवेश देखने को मिलेगा। आने वाले समय में मिड-मार्केट, प्रीमियम और लग्जरी होटल्स के साथ-साथ क्रूज, हेरिटेज टूरिज्म, धार्मिक सर्किट और एमआईसीई (MICE – मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेस और एग्जीबिशन्स) इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की रफ्तार कई गुना तेज होगी।
होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और रेडिसन होटल ग्रुप (दक्षिण एशिया) के चेयरमैन के.बी. काचरू ने कहा:
”आने वाले वर्षों में भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की वृद्धि में विदेशी पर्यटकों की भूमिका बेहद अहम होगी। भारत के पास विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और शानदार अनुभवों के साथ खुद को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का मौका है। इस सेक्टर में विदेशी निवेश बढ़ने से निर्माण (कन्स्ट्रक्शन), लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों को भी सीधा फायदा होगा और बड़े पैमाने पर स्थायी रोजगार पैदा होंगे।”
’विजन 2047′ के लिए सिंगल-विंडो मंजूरी की जरूरत
एचएआई ने इस बात पर भी जोर दिया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत का स्थिर लोकतंत्र, सांस्कृतिक विविधता और लगातार सुधरता इंफ्रास्ट्रक्चर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को एक सुरक्षित और बेहतरीन अनुभव प्रदान करता है। भारत अब केवल अवकाश (लीजर) ही नहीं, बल्कि बिजनेस, मेडिकल और आध्यात्मिक (स्पिरिचुअल) टूरिज्म के क्षेत्र में भी दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
संगठन ने सरकार से मांग की है कि भारत के ‘विजन 2047’ रोडमैप के तहत इस सेक्टर की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तेज मंजूरी प्रक्रिया (सिंगल-विंडो क्लीयरेंस), स्पष्ट नियम और उद्योग को बढ़ावा देने वाले कुछ विशेष इंसेंटिव्स (प्रोत्साहन) दिए जाना बेहद जरूरी होगा।
