Friday, May 22, 2026
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धामी सरकार के ‘ग्रीन इनिशिएटिव’ का बड़ा असर: उत्तराखंड सूचना विभाग का बिजली बिल 1.20 लाख से घटकर पहुंचा मात्र ₹1700

धामी सरकार के ‘ग्रीन इनिशिएटिव’ का बड़ा असर: उत्तराखंड सूचना विभाग का बिजली बिल 1.20 लाख से घटकर पहुंचा मात्र ₹1700

​देहरादून / राज्य ब्यूरो: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड में हरित ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में क्रांतिकारी और चौकाने वाले सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। देहरादून स्थित उत्तराखंड सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के मुख्यालय ने अक्षय ऊर्जा की दिशा में एक बड़ी नजीर पेश की है। विभाग ने अपने रिंग रोड (6 नंबर पुलिया, रायपुर) स्थित कार्यालय में 70 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित किया है, जिसके बाद विभाग के बिजली बिल में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।

​₹1.20 लाख का बिल घटकर हुआ मात्र ₹1700

​इस सरकारी पहल का चमत्कारी असर पहले ही महीने में देखने को मिला है। अप्रैल 2026 में सूचना विभाग का बिजली बिल घटकर महज ₹1,700 रह गया।

​पहले की स्थिति: इससे पहले विभाग को कमर्शियल टैरिफ के तहत हर महीने लगभग ₹1 लाख 20 हजार का भारी-भरकम बिजली बिल चुकाना पड़ता था।

​नि:शुल्क स्थापना: इस रूफटॉप सोलर पावर प्लांट को ‘उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अधिकरण’ (UREDA) द्वारा एक विशेष व्यवस्था के तहत विभाग में पूरी तरह नि:शुल्क स्थापित किया गया है।

​नेट मीटरिंग: इस प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के ग्रिड से जोड़ा गया है, जिससे विभाग को बिना किसी रुकावट के स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति हो रही है।

​पिछले 4 वर्षों में उत्तराखंड ने पार किया 1000 मेगावाट का आंकड़ा

​महानिदेशक (सूचना एवं लोक संपर्क विभाग) बंशीधर तिवारी ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट निर्देश है कि राज्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन को हर स्तर पर बढ़ावा दिया जाए और सरकारी विभागों में इसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो।

​श्री तिवारी ने राज्य की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा:

​1000 मेगावाट पार: पिछले चार वर्षों के भीतर उत्तराखंड में सौर ऊर्जा से कुल बिजली उत्पादन 1000 मेगावाट की ऐतिहासिक सीमा को पार कर चुका है।

​सौर स्वरोजगार योजनाएं: राज्य में चलाई जा रही ‘मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना’ और ‘प्रधानमंत्री सौर स्वरोजगार योजना’ युवाओं और पर्यावरण के लिए मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

​अन्य विभागों में भी पहल: एमडीडीए (MDDA) द्वारा देहरादून के आईएसबीटी (ISBT) परिसर में 100 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट चालू किया जा चुका है। इसके साथ ही, सिटी फॉरेस्ट पार्क में पानी के पंप और स्ट्रीट लाइट्स पूरी तरह से सोलर एनर्जी से संचालित हो रहे हैं।

​आम जनता से भी सौर ऊर्जा अपनाने की अपील

​सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने प्रदेश के आम नागरिकों और गृहस्वामियों से भी इस मुहिम से जुड़ने का आग्रह किया है। उन्होंने अपील की है कि अधिक से अधिक लोग केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल (Rooftop Solar) स्थापित करें। इससे न केवल उनके घरों का बिजली बिल शून्य या बेहद कम हो जाएगा, बल्कि वे पर्यावरण संरक्षण और राज्य के हरित विकास में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे।

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