ईरान-अमेरिका के बीच पाकिस्तान बना मध्यस्थ: तेहरान को मिला वॉशिंगटन का नया ड्रामा प्रस्ताव, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर बातचीत जारी
ईरान-अमेरिका के बीच पाकिस्तान बना मध्यस्थ: तेहरान को मिला वॉशिंगटन का नया ड्रामा प्रस्ताव, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर बातचीत जारी
तेहरान: मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) में चल रहे तनाव को खत्म करने और एक स्थायी शांति समझौते तक पहुंचने के लिए राजनयिक प्रयास तेज हो गए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच इस समय बैकचैनल (indirect) बातचीत का दौर चल रहा है, जिसमें पड़ोसी देश पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि पाकिस्तान के जरिए दोनों देशों के बीच लगातार संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है और तेहरान इस समय अमेरिका के ताजा रुख (Viewpoints) की गंभीरता से समीक्षा कर रहा है।
14-सूत्रीय प्रस्ताव के बाद अमेरिका का नया ड्राफ्ट
सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी (IRIB) को दिए इंटरव्यू में प्रवक्ता बाघेई ने बताया कि बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों की तरफ से कई बार ड्राफ्ट भेजे और प्राप्त किए गए हैं। ईरानी वार्ता टीम के करीबी सूत्रों के मुताबिक, तीन दिन पहले ईरान ने अमेरिका के सामने अपना 14-सूत्रीय प्रस्ताव रखा था। इसके जवाब में अब अमेरिका ने भी पाकिस्तान के जरिए तेहरान को एक नया जवाबी ड्राफ्ट प्रस्ताव भेजा है।
इस समय मध्यस्थ (पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी) तेहरान में मौजूद हैं, जो दोनों देशों के इन प्रस्तावों और मसौदों के अंतर को कम करके एक सर्वमान्य समझौते पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान की दो मुख्य शर्तें: फ्रीज संपत्ति और नौसैनिक नाकेबंदी का खात्मा
प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने साफ किया कि ईरान हर मोर्चे पर युद्ध को खत्म करना चाहता है, जिसमें लेबनान का मोर्चा भी शामिल है। लेकिन इसके लिए ईरान की कुछ बेहद स्पष्ट मांगें हैं:
फ्रीज संपत्तियों की रिहाई: विदेशों में रोकी गई ईरान की वित्तीय संपत्तियों को तुरंत रिलीज किया जाए।
समुद्री नाकेबंदी का अंत: ईरानी व्यापारिक जहाजों के खिलाफ अमेरिकी नौसेना की ‘समुद्री लूट’ और बंदरगाहों की दुश्मनी भरी नाकेबंदी को तुरंत रोका जाए।
हालांकि, बाघेई ने यह भी जोड़ा कि ईरान पूरी गंभीरता और ईमानदारी के साथ इस कूटनीतिक प्रक्रिया में शामिल है, लेकिन पिछले 18 महीनों के बेहद खराब रिकॉर्ड के कारण उसे वॉशिंगटन (अमेरिका) पर गहरा अविश्वास है।
होर्मुज स्ट्रेट में ओमान के साथ मिलकर ‘स्थायी सुरक्षा’ का प्लान
वैश्विक व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान ने अपनी बड़ी योजना सामने रखी है। प्रवक्ता के अनुसार, ईरान इस क्षेत्र में ‘स्थायी सुरक्षा’ सुनिश्चित करने के लिए ओमान के साथ मिलकर एक नया सुरक्षा तंत्र (Mechanism) तैयार करना चाहता है। इसके साथ ही, ईरान इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र के अन्य तटीय देशों के साथ मिलकर नए नियम और प्रोटोकॉल बनाने के लिए भी तैयार है।
”दबाव डालकर ईरान को झुकाना सिर्फ एक भ्रम” – राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर देश का रुख साफ करते हुए लिखा:
”ईरान ने हमेशा अपने वादों का पालन किया है और युद्ध को टालने की हरसंभव कोशिश की है। हमारी तरफ से शांति और बातचीत के सभी रास्ते अब भी खुले हैं। लेकिन अगर कोई यह सोचता है कि दबाव डालकर या प्रतिबंध लगाकर ईरान को झुकाया जा सकता है, तो यह सिर्फ एक भ्रम है।”
क्या है पूरा विवाद? (पृष्ठभूमि)
28 फरवरी: अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर बड़े हवाई हमले किए, जिसके बाद 40 दिनों तक भीषण संघर्ष चला।
8 अप्रैल: दोनों पक्षों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) हुआ।
11-12 अप्रैल: युद्धविराम के तुरंत बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में आमने-सामने बातचीत की, लेकिन परमाणु और अन्य मुद्दों पर असहमति के कारण वार्ता विफल रही।
ताजा स्थिति: इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट और ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी कर दी थी, जिसके जवाब में ईरान ने भी इस जलमार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए इजरायल-अमेरिका से जुड़े जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। फिलहाल, दोनों देश एक बार फिर टेबल पर हैं, लेकिन अंतिम समझौता होना बाकी है।
मुख्य बातें:
मध्यस्थ देश: पाकिस्तान (बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए पाकिस्तानी मंत्री तेहरान में मौजूद)।
ताजा अपडेट: ईरान की 14-सूत्रीय योजना के जवाब में अमेरिका ने भेजा नया ड्राफ्ट।
ईरान का रुख: ओमान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में स्थायी सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाने की तैयारी।
मुख्य अड़चन: अमेरिका पर ईरान का अविश्वास, संपत्तियों को अनफ्रीज करने और अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की मांग।
