राजनीति

शिक्षा मंत्रालय बना ‘आपदा विभाग’: NEET पेपर लीक और CBSE विवाद पर राहुल गांधी का धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला

शिक्षा मंत्रालय बना ‘आपदा विभाग’: NEET पेपर लीक और CBSE विवाद पर राहुल गांधी का धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला

​लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर बड़ा हमला बोला है। NEET-UG 2026 पेपर लीक और सीबीएसई (CBSE) की नीतियों के कारण छात्रों को हो रही परेशानियों का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश का शिक्षा मंत्रालय अब ‘आपदा विभाग’ बन चुका है।

​राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में दखल देने की अपील की।

​राहुल गांधी ने उठाए तीन बड़े मुद्दे: तीन आयु वर्ग, तीन परीक्षाएं

​राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की हालिया नीतियों पर निशाना साधते हुए तीन प्रमुख गड़बड़ियों को रेखांकित किया:

​NEET-UG 2026 पेपर लीक: उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के पेपर लीक होने से देश के लगभग 22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है और वे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।

​CBSE का खराब OSM सिस्टम: सीबीएसई 12वीं के नतीजों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम की खामियों के कारण छात्रों को उम्मीद से बेहद कम नंबर मिले हैं। इस तकनीकी लापरवाही की वजह से कई होनहार छात्रों को अच्छे कॉलेजों में दाखिला (Admission) नहीं मिल पाएगा।

​9वीं के छात्रों पर नई भाषा का बोझ: राहुल गांधी ने कहा कि सीबीएसई अब अचानक 9वीं क्लास के लाखों छात्रों पर 1 जुलाई से एक नई भाषा सीखने का दबाव बना रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि स्कूलों में न तो इसके लिए शिक्षक उपलब्ध हैं और न ही किताबें।

​”14 साल के बच्चों को थमा दीं छठी क्लास की किताबें”

​शिक्षा मंत्रालय के कामकाज के तरीकों पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि समस्याओं का कोई ठोस समाधान निकालने के बजाय बच्चों को ‘अस्थायी’ जुगाड़ थमाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 साल के (9वीं क्लास के) बच्चों को पढ़ने के लिए छठी क्लास की किताबें दे दी गई हैं, जो छात्रों के साथ क्रूर मजाक है।

​राहुल गांधी का ट्वीट: “तीन परीक्षाएं। तीन अलग-अलग आयु वर्ग। लेकिन मंत्री सिर्फ एक— धर्मेंद्र प्रधान जी। वह सिर्फ एक बार फेल नहीं हुए हैं, बल्कि उन्होंने भारत के छात्रों के हर आयु वर्ग को एक साथ फेल कर दिया है। सरकार की हर नई घोषणा छात्रों को अनिश्चितता के एक गहरे भंवर में धकेल देती है।”

​’दोषियों को जेल भेजो और मंत्री का इस्तीफा लो’

​राहुल गांधी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी-बड़ी गड़बड़ियां होने के बावजूद अब तक किसी पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है और न ही किसी को सजा मिली है।

​इससे पहले शनिवार को भी राहुल गांधी ने एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे मांग की थी कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफा लिया जाना चाहिए और पेपर लीक व अन्य घोटालों के पीछे जो भी दोषी हैं, उन्हें पकड़कर तुरंत जेल की सलाखों के पीछे डाला जाए।

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