राजनीति

​ब्राह्मण समाज पर कथित अभद्र टिप्पणी का मामला: सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के खिलाफ कई जगह FIR दर्ज, मुंबई पुलिस से भी शिकायत

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर दी गई एक कथित विवादित टिप्पणी के बाद देश भर की राजनीति गरमा गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जहां उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और नोएडा में उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी है, वहीं अब इस मामले की आंच महाराष्ट्र तक पहुंच गई है। मुंबई में भी ब्राह्मण समाज के संगठनों ने सपा प्रवक्ता के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और एक और नई एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है।

​क्या है पूरा विवाद?

​यह पूरा विवाद दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान राजकुमार भाटी ने जाति व्यवस्था और समाज में प्रचलित पुरानी कहावतों का जिक्र किया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में उन्हें ब्राह्मण समाज और वेश्याओं की तुलना करने वाली एक पुरानी कहावत बोलते हुए सुना गया। इस बयान के सामने आते ही ब्राह्मण समाज, हिंदू संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों में भारी आक्रोश फैल गया।

​मुंबई पुलिस कमिश्नर से शिकायत, BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग

​मुंबई में एडवोकेट पंकज कुमार मिश्रा और ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सपा प्रवक्ता का यह बयान समाज में तनाव, जातिगत विभाजन और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने वाला है।

​इस शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं का हवाला दिया गया है:

​धारा 196(1): विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप।

​धारा 353: सार्वजनिक अशांति, अव्यवस्था और तनाव को बढ़ावा देने वाले बयानों के तहत।

​धारा 356: पूरे ब्राह्मण समुदाय की छवि को ठेस पहुंचाने और मानहानि करने का आरोप।

​इसके अलावा आईटी एक्ट 2000 (IT Act) के तहत भी कार्रवाई की मांग की गई है क्योंकि यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाया जा रहा है।

​यूपी में पहले ही दर्ज हो चुका है मुकदमा

​इस मामले में सबसे पहली कानूनी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के कविनगर थाने में हुई, जहां भाजपा नेता अजय शर्मा की शिकायत पर राजकुमार भाटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके ठीक बाद नोएडा के सेक्टर-24 थाने में भी एक अन्य निवासी की शिकायत पर दूसरी एफआईआर दर्ज की गई।

​राजनीतिक बवाल: मायावती और भाजपा ने अखिलेश यादव को घेरा

​इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह उबल रही है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की चुप्पी पर तीखा हमला बोला है। मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सपा प्रवक्ता के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंची है और इस पर अखिलेश यादव की खामोशी मामले को और गंभीर बना रही है। उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि सपा का ‘जातिवादी चरित्र’ आज भी नहीं बदला है। वहीं यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे सपा की “विभाजनकारी मानसिकता” करार दिया है।

​सपा प्रवक्ता ने मांगी बिना शर्त माफी, कहा- “वीडियो को काटकर चलाया गया”

​चौतरफा घिरने और कानूनी शिकंजा कसने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने इस पूरे मामले पर बिना शर्त माफी मांग ली है। हालांकि, उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक सोची-समझी साजिश के तहत दुष्प्रचार किया जा रहा है।

​भाटी ने कहा, “मैं ब्राह्मण समाज का पूरा सम्मान करता हूं। उस कार्यक्रम में मैं समाज में जातियों को लेकर बनी गंदी और कुत्सित कहावतों का खंडन और विश्लेषण कर रहा था, न कि उनका समर्थन। मैंने पहले गुर्जर और यादव समाज पर बनी खराब कहावतों का उदाहरण दिया और फिर ब्राह्मण समाज का जिक्र किया। मेरे पूरे भाषण में से सिर्फ कुछ सेकंड की क्लिप को काटकर गलत तरीके से पेश किया गया है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *