राजनीति

​भदोही कोर्ट का बड़ा फैसला: रंगदारी और संपत्ति हड़पने के मामले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा, पत्नी और बेटे को 10-10 साल की सजा; बहू को भी जेल

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की विशेष एमपी-एमएलए (MP-MLA) कोर्ट ने रंगदारी, जालसाजी और डरा-धमकाकर संपत्ति हड़पने के एक बेहद चर्चित मामले में आज ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने ज्ञानपुर सीट से चार बार के पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा, उनकी पूर्व एमएलसी पत्नी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा को दोषी पाते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास (कठिन कारावास) की सजा सुनाई है। वहीं, कोर्ट ने इस मामले में विजय मिश्रा की बहू रूपा मिश्रा को भी दोषी करार देते हुए 4 साल की जेल की सजा सुनाई है।

​अदालत ने पूरे परिवार पर कुल 5 लाख 26 हजार रुपये का भारी अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया है। विशेष न्यायाधीश पुष्पा सिंह की अदालत ने पुलिस द्वारा पेश किए गए अचूक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पूरे परिवार को कसूरवार माना।

​क्या था पूरा मामला?

​यह पूरा विवाद साल 2020 का है। भदोही के गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के कवलापुर के रहने वाले विजय मिश्रा के ही एक करीबी रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि बाहुबली विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामलली, बेटे विष्णु और बहू रूपा मिश्रा ने मिलकर उनके साथ मारपीट की, उन्हें बंधक बनाया और जान से मारने की धमकी देकर उनकी करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति की वसीयत धोखाधड़ी से अपने बेटे के नाम करा ली।

​इस शिकायत के बाद पुलिस ने जालसाजी, मारपीट और रंगदारी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में कानूनी शिकंजा कसता देख विजय मिश्रा फरार हो गए थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने मध्य प्रदेश के आगर-मालवा से नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार किया था।

​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए पिता-पुत्र, महिलाएं ली गईं कस्टडी में

​मामले की सुनवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। वर्तमान में आगरा जेल में बंद विजय मिश्रा और लखीमपुर खीरी जेल में बंद उनके बेटे विष्णु मिश्रा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए। वहीं, कोर्ट के आदेश पर विजय मिश्रा की पत्नी रामलली मिश्रा और बहू रूपा मिश्रा व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुईं। कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों महिलाओं की जमानत तुरंत रद्द कर दी गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विजय मिश्रा की पत्नी और बहू को उनके आपराधिक कारनामों के लिए पहली बार किसी मामले में सजा हुई है।

​विजय मिश्रा को 3 दिन के भीतर लगा यह दूसरा बड़ा झटका

​बाहुबली विजय मिश्रा के लिए यह हफ्ता किसी बड़े कानूनी काल से कम नहीं रहा। भदोही कोर्ट के इस फैसले से महज दो दिन पहले, यानी 13 मई को प्रयागराज की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने विजय मिश्रा को एक 46 साल पुराने (1980 के) बहुचर्चित कचहरी हत्याकांड मामले में दोषी पाते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई थी। उस झटके के तुरंत बाद अब गृह जनपद की कोर्ट से पूरे परिवार को सजा मिलने के कारण विजय मिश्रा साम्राज्य की कानूनी मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं।

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