हाई कोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला में उमड़ा जनसैलाब, जयकारों के बीच सुबह से शुरू हुआ विशेष पूजा-पाठ
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ द्वारा धार की ऐतिहासिक भोजशाला को पूरी तरह से मां सरस्वती (वाग्देवी) का मंदिर घोषित किए जाने के ऐतिहासिक फैसले के बाद, आज सुबह से ही वहां का नजारा पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। अदालत के आदेश के अगले ही दिन, शनिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु और विभिन्न संगठनों के लोग पूजा-पाठ के लिए भोजशाला परिसर पहुंचने लगे। पूरे परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच श्रद्धालुओं ने ‘जय श्री राम’ और ‘मां वाग्देवी की जय’ के उद्घोष के साथ गर्भगृह में प्रवेश किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
सुबह से ही लगी लंबी कतारें, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद से ही धार शहर में उत्साह का माहौल है। आज सुबह जैसे ही भोजशाला के कपाट खुले, वहां दर्शन और पूजा के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ आस-पास के जिलों से आए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।
प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए परिसर और पूरे धार शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया है। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं को कड़ी चेकिंग और सुरक्षा घेरे से गुजारने के बाद ही परिसर के अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।
23 साल बाद बदला नियम: अब केवल हिंदू रीति-रिवाज से होगी पूजा
हाई कोर्ट के नए आदेश के बाद अब एएसआई (ASI) का साल 2003 का वह नियम इतिहास बन गया है, जिसके तहत यहां मंगलवार को हिंदू पूजा करते थे और शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय नमाज अदा करता था। कोर्ट द्वारा इस व्यवस्था को पूरी तरह रद्द किए जाने के बाद आज शनिवार को भी लोगों ने वहां पहुंचकर धूप, दीप और कपूर जलाकर आरती की।
भोजशाला उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने इस दिन को ‘ऐतिहासिक और न्याय की जीत’ बताते हुए कहा कि सदियों पुराना संघर्ष अब अपने तार्किक अंत पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि मां वाग्देवी के इस मूल स्थान पर अब बिना किसी रुकावट के प्रतिदिन सुबह-शाम नियमित आरती और पूजा-पाठ का क्रम जारी रहेगा।
लंदन से मूर्ति वापस लाने की मांग तेज
परिसर में पूजा करने पहुंचे श्रद्धालुओं और संतों ने हाई कोर्ट के उस निर्देश का पुरजोर स्वागत किया, जिसमें केंद्र सरकार को लंदन के संग्रहालय (Museum) से मां सरस्वती की मूल प्रतिमा को वापस भारत लाने के प्रयास करने को कहा गया है। हिंदू संगठनों का कहना है कि वे जल्द ही इसके लिए केंद्र सरकार को एक ज्ञापन भी सौंपेंगे ताकि मां वाग्देवी की प्रतिमा को जल्द से जल्द उनके मूल गर्भगृह में दोबारा सम्मान सहित स्थापित किया जा सके।
दूसरी ओर, शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है और सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि कोई भ्रामक जानकारी या अफवाह न फैला सके।
