उत्तराखंड

​अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर ‘ब्लैक डे’: देहरादून में पानी की टंकी पर डटे अभ्यर्थी, कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला का समर्थन बरकरार

देहरादून के परेड ग्राउंड में नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन अब बेहद गंभीर और भावनात्मक मोड़ पर पहुंच गया है। विशेष रूप से आज, 12 मई (अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस) के अवसर पर अभ्यर्थियों का दर्द ‘ब्लैक डे’ के रूप में छलक रहा है।

​अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर ‘ब्लैक डे’: देहरादून में पानी की टंकी पर डटे अभ्यर्थी, कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला का समर्थन बरकरार

​देहरादून: उत्तराखंड में वर्षवार नियुक्ति की मांग को लेकर नर्सिंग बेरोजगारों का प्रदर्शन पिछले 37 घंटों से परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर जारी है। जहां पूरी दुनिया में नर्सेज के योगदान को सराहा जा रहा है, वहीं देहरादून में ये अभ्यर्थी धूप और बारिश के बीच अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

​1. ‘शुभकामनाएं नहीं, नियुक्ति चाहिए’

​आज अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के मौके पर अभ्यर्थियों के फोन शुभकामना संदेशों से भरे हुए हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों में भारी मायूसी है:

​नवल पुंडीर (अध्यक्ष, नर्सिंग एकता मंच): उनका कहना है कि यह दिन उन लोगों के लिए खुशी का हो सकता है जिन्हें रोजगार मिल गया है, लेकिन सड़क पर बैठे बेरोजगारों के लिए यह ‘ब्लैक डे’ है। उन्होंने मांग की कि सरकार को उपहार स्वरूप ‘वर्षवार नियुक्ति’ का तोहफा देना चाहिए।

​मधु उनियाल: प्रदर्शनकारी मधु उनियाल ने कहा कि वे 159 दिनों से धरनारत हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही। ऐसी स्थिति में नर्सिंग दिवस की बधाइयां स्वीकार करना उनके लिए संभव नहीं है।

​2. प्रशासन पर ‘तानाशाही’ के आरोप

​आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नर्सिंग एकता मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन टंकी पर चढ़े उनके साथियों के लिए खाना और पानी भेजने से रोक रहा है। इसके बावजूद, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और अन्य अभ्यर्थी नीचे उतरने को तैयार नहीं हैं।

​3. राजनीतिक समर्थन: करन माहरा का सरकार पर हमला

​कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भी मौके पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा:

​जब राज्य में सरकारी नौकरियों में धांधली की खबरें आती हैं, तो अभ्यर्थी अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस करते हैं।

​महिला सम्मान की बात करने वाली सरकार की नाक के नीचे एक महिला नेत्री (ज्योति रौतेला) और अन्य युवतियां टंकी पर चढ़ी हुई हैं, लेकिन शासन-प्रशासन मौन है।

​4. आगामी रणनीति: स्वास्थ्य महानिदेशिका के साथ वार्ता

​आज दोपहर में नर्सिंग एकता मंच के सदस्यों और उत्तराखंड स्वास्थ्य महानिदेशिका के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता होनी तय है।

​अंतिम चेतावनी: अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि इस वार्ता में कोई सकारात्मक परिणाम या ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे।

​वर्तमान स्थिति: देहरादून प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात है। स्वास्थ्य मंत्री और शासन के रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं कि क्या आज नर्सिंग दिवस के अवसर पर इन बेरोजगारों की मांगों पर कोई ठोस फैसला लिया जाता है या नहीं।

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