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​स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज पर ड्रोन हमला: एक नाविक की मौत, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच फंसे 18 भारतीय

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज पर हुए हमले को लेकर स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। इस घटना और वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट यहाँ दी गई है:

​स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज पर ड्रोन हमला: एक नाविक की मौत, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच फंसे 18 भारतीय

​दुबई/नई दिल्ली: सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में 7-8 मई 2026 की मध्यरात्रि एक भारतीय कार्गो जहाज ‘क्रॉसफायर’ की चपेट में आ गया। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है, जबकि चार अन्य घायल हैं।

​कैसे हुआ हमला?

​’इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन’ के महासचिव एडम भाया के अनुसार, भारतीय ध्वज वाला जहाज ‘अल फैज़ नूर सुलेमानी’ दुबई से यमन के लिए रवाना हुआ था।

​समय: 7-8 मई की मध्यरात्रि, भारतीय समयानुसार लगभग 2:30 बजे।

​स्थिति: जिस समय जहाज जलडमरूमध्य (Strait) से गुजर रहा था, वहां भारी गोलाबारी और ड्रोन हमले हो रहे थे।

​कारण: उसी दौरान 3 अमेरिकी युद्धपोत वहां से गुजर रहे थे, जिसके कारण इलाके में हमले और जवाबी हमले (Crossfire) शुरू हो गए। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन हमला किस पक्ष की ओर से किया गया।

​क्रू मेंबर्स की स्थिति और हताहतों का विवरण

​जहाज पर कुल 18 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे।

​अल्ताफ तलाब केर: द्वारका (गुजरात) के रहने वाले नाविक अल्ताफ की इस हमले में दुखद मृत्यु हो गई।

​घायल: 4 अन्य भारतीय नाविक घायल हुए हैं। एक का हाथ टूट गया है, एक के चेहरे पर गंभीर चोट आई है, और दो नाविक मामूली रूप से झुलस गए हैं। सभी घायलों का दुबई के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

​अंतिम संस्कार पर फैसला: मृतक अल्ताफ का परिवार फिलहाल द्वारका में है। भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया गया है। अब परिवार को यह तय करना है कि वे अंतिम संस्कार दुबई में करेंगे या पार्थिव शरीर को भारत वापस लाया जाएगा।

​होर्मुज पर वर्चस्व की जंग और डोनाल्ड ट्रंप का बयान

​स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस समय दुनिया का सबसे अशांत समुद्री क्षेत्र बना हुआ है। अमेरिका और ईरान दोनों ने इस मार्ग पर नियंत्रण के लिए अपनी सेनाएं तैनात कर रखी हैं।

​ट्रंप का पीस प्रपोजल: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरान को एक शांति प्रस्ताव (Peace Proposal) भेजा है और वे आज रात तक तेहरान से जवाब मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।

​देरी पर रुख: जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान जानबूझकर बातचीत में देरी कर रहा है, तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता, लेकिन हमें जल्द ही पता चल जाएगा।”

​निष्कर्ष

​यह घटना दर्शाती है कि वैश्विक शक्तियों के बीच जारी संघर्ष का खामियाजा निर्दोष नागरिकों और वाणिज्यिक जहाजों को भुगतना पड़ रहा है। भारत सरकार और दूतावास इस मामले में लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि शेष चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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