गाजियाबाद में मौत का तांडव: AC सर्विस सेंटर में ब्लास्ट के बाद भीषण आग, सो रहे बुजुर्ग की जलकर मौत
गाजियाबाद में मौत का तांडव: AC सर्विस सेंटर में ब्लास्ट के बाद भीषण आग, सो रहे बुजुर्ग की जलकर मौत
गाजियाबाद | क्राइम रिपोर्टर
दिल्ली से सटे गाजियाबाद के पटेल नगर इलाके में शनिवार तड़के एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहां एक एयर कंडीशनर (AC) सर्विस सेंटर में भीषण आग लगने से 80 वर्षीय बुजुर्ग की जिंदा जलकर मौत हो गई। आग इतनी भयावह थी कि सर्विस सेंटर में रखे गैस सिलेंडरों और कंप्रेसरों में एक के बाद एक कई धमाके हुए, जिससे पूरा इलाका दहल गया। घटना के समय इमारत में कई कर्मचारी सो रहे थे, जिनमें से ज्यादातर ने भागकर जान बचाई, लेकिन बदकिस्मत बुजुर्ग आग की लपटों में फंस गए।
तड़के 3 बजे धमाकों से गूंजा पटेल नगर
जानकारी के अनुसार, पटेल नगर स्थित प्लॉट नंबर एफ-87 में ‘ऑन स्पॉट एयरकंडीशनर सर्विस सेंटर’ संचालित होता है। शनिवार तड़के करीब 3:05 बजे बिल्डिंग के निचले तल (ग्राउंड फ्लोर) पर शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और वहां रखे एसी गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके इतने तेज थे कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। आसमान में काले धुएं का गुबार और ऊंची लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती थीं।
रेस्क्यू में मिली बुजुर्ग त्रिलोकी नाथ की लाश
दमकल विभाग को सूचना मिलते ही कोतवाली, वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर फायर स्टेशनों से करीब 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
मृतक की पहचान: सर्च ऑपरेशन के दौरान ग्राउंड फ्लोर से एक जला हुआ शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान 80 वर्षीय त्रिलोकी नाथ के रूप में हुई है।
कैसे हुआ हादसा: पुलिस के अनुसार, त्रिलोकी नाथ वहां पुराने कर्मचारी थे और रात को वहीं सो रहे थे। उनके साथ सो रहे अन्य 7 कर्मचारी तो आग लगते ही बाहर निकल आए, लेकिन उम्रदराज होने के कारण त्रिलोकी नाथ समय पर बाहर नहीं निकल सके और धुएं व आग की चपेट में आ गए।
गाड़ियों का कब्रिस्तान बना सर्विस सेंटर का बाहर हिस्सा
आग की लपटों ने केवल बिल्डिंग को ही नहीं, बल्कि बाहर खड़े वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
नुकसान का आकलन: हादसे में 2 कारें और लगभग 10 मोटरसाइकिलें पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं।
बिल्डिंग की हालत: तीन मंजिला इमारत को इस आग और धमाकों से भारी नुकसान पहुंचा है। दीवारों में दरारें आ गई हैं और सारा कीमती सामान राख हो गया है।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच
चीफ फायर ऑफिसर (CFO) राहुल पाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट लग रहा है, लेकिन गैस सिलेंडरों के फटने से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इस कमर्शियल यूनिट में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
चेतावनी: गर्मी की शुरुआत के साथ ही एसी रिपेयरिंग सेंटर्स पर काम का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में गैस रिफिलिंग और पुरानी मशीनों के रखरखाव में लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। प्रशासन ने क्षेत्र के अन्य सर्विस सेंटरों को भी सुरक्षा मानकों की जांच के निर्देश दिए हैं।
