कुलदीप की फिरकी हुई फेल: ना विकेट, ना कंट्रोल… खराब फॉर्म से दिल्ली कैपिटल्स का IPL में बंटाधार
कुलदीप की फिरकी हुई फेल: ना विकेट, ना कंट्रोल… खराब फॉर्म से दिल्ली कैपिटल्स का IPL में बंटाधार
नई दिल्ली | खेल संवाददाता
IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स (DC) का सफर लगभग खत्म हो चुका है, और इस हार के सबसे बड़े विलेन के रूप में कुलदीप यादव का नाम सामने आ रहा है। पिछले दो सीजन में दिल्ली के ‘मैजिशियन’ कहे जाने वाले कुलदीप इस बार पूरी तरह बेअसर साबित हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस स्पिन अटैक के दम पर दिल्ली प्लेऑफ का सपना देख रही थी, उसी की धार कुंद होने से टीम पॉइंट्स टेबल में 8वें स्थान पर जा गिरी है।
आंकड़े दे रहे गवाही: धारहीन हुई गेंदबाजी
कल रात कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ हुए मुकाबले में कुलदीप यादव की गेंदबाजी ने दिल्ली के फैंस को निराश कर दिया।
पिटाई का रिकॉर्ड: कुलदीप ने 3 ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 41 रन लुटा दिए। उनका इकोनॉमी रेट 13.67 का रहा, जो टी-20 फॉर्मेट में किसी भी प्रमुख स्पिनर के लिए शर्मनाक है।
पूरे सीजन का हाल: इस सीजन में कुलदीप ने अब तक 11 मैच खेले हैं, लेकिन उनके खाते में मात्र 7 विकेट आए हैं। उनका इकोनॉमी रेट भी 10 के पार जा चुका है, जबकि 2025 में उन्होंने 15 विकेट लिए थे।
कप्तान भी दिखे निराश, बेंच स्ट्रेंथ आजमाने की तैयारी
KKR से मिली करारी हार के बाद दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने साफ कर दिया कि टीम अब अगले सीजन की प्लानिंग शुरू करेगी। अक्षर ने मैच के बाद कहा, “हम अपनी गलतियों पर विचार करेंगे और अब बेंच स्ट्रेंथ को मौका देने का समय आ गया है।”
विशेषज्ञों के अनुसार, कुलदीप यादव की सबसे बड़ी समस्या उनकी लेंथ और कंट्रोल रही है। इस सीजन में बल्लेबाज उन्हें आसानी से पढ़ रहे हैं और मिडिल ओवर्स में उन पर बड़े शॉट्स लगाने से नहीं हिचक रहे। कल के मैच में फिन एलेन ने कुलदीप की गेंदों पर लगातार बाउंड्रीज बटोरीं, जिससे उनका आत्मविश्वास पूरी तरह डगमगा गया।
दिल्ली कैपिटल्स: क्यों डूबी नैया?
कुलदीप का खराब फॉर्म: स्ट्राइक बॉलर का विकेट न लेना टीम को भारी पड़ा।
होम ग्राउंड पर हार का सिलसिला: दिल्ली ने अपने घरेलू मैदान (अरुण जेटली स्टेडियम) पर लगातार 4 मैच गंवाए हैं।
बल्लेबाजी का कॉलेप्स: टॉप ऑर्डर की विफलता के कारण टीम बार-बार छोटे स्कोर पर सिमट रही है।
प्वाइंट्स टेबल का गणित
11 मैचों में केवल 8 अंकों के साथ दिल्ली अब तकनीकी रूप से टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर है। अब अगर वे अपने बाकी बचे तीनों मैच (पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और KKR के खिलाफ) जीत भी जाते हैं, तो भी 14 अंकों के साथ उनका प्लेऑफ में पहुंचना दूसरी टीमों के नतीजों और नेट रन रेट (NRR) पर निर्भर करेगा, जो फिलहाल -0.949 के साथ बेहद खराब है।
विशेषज्ञ कमेंट: “जब आपका मुख्य स्पिनर विकेट लेने के बजाय रन लुटाने लगे, तो पूरी टीम का मनोबल गिर जाता है। कुलदीप यादव के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं है, और इसका खामियाजा दिल्ली को अपनी बाहर होने की कीमत चुका कर देना पड़ रहा है।”
