ऑपरेशन सिंदूर: 21वीं सदी की सबसे बड़ी सैन्य उपलब्धि, विशेषज्ञों ने बताया आधुनिक युद्ध कला का ‘मास्टरक्लास’
ऑपरेशन सिंदूर: 21वीं सदी की सबसे बड़ी सैन्य उपलब्धि, विशेषज्ञों ने बताया आधुनिक युद्ध कला का ‘मास्टरक्लास’
नई दिल्ली | विशेष संवाददाता
रक्षा गलियारों और वैश्विक सैन्य मंचों पर इन दिनों केवल एक ही नाम की गूंज है— ‘ऑपरेशन सिंदूर’। भारतीय सेना द्वारा अंजाम दी गई इस गुप्त और बेहद जटिल सैन्य कार्रवाई को रक्षा विशेषज्ञों ने 21वीं सदी की अब तक की सबसे सफल और सटीक सैन्य कार्रवाई करार दिया है। रणनीतिकारों का मानना है कि इस ऑपरेशन ने न केवल दुश्मन के दांत खट्टे किए हैं, बल्कि भविष्य के युद्धों (फ्यूचर वॉरफेयर) के लिए एक नया वैश्विक मानक भी स्थापित कर दिया है।
दुश्मन के चक्रव्यूह को मिनटों में किया ध्वस्त
ऑपरेशन की सफलता पर चर्चा करते हुए रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल और सामरिक विश्लेषकों का कहना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सबसे बड़ी खूबी इसकी गोपनीयता और गति थी। खुफिया जानकारी के आधार पर तैयार किए गए इस प्लान को ऐसी भौगोलिक परिस्थितियों में अंजाम दिया गया, जिसे सैन्य नजरिए से ‘अभेद्य’ माना जाता था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक तकनीक और मानवीय साहस का जो तालमेल दिखा, वह दुर्लभ है। इसमें इस्तेमाल किए गए स्वदेशी ड्रोन्स और रियल-टाइम सैटेलाइट डेटा ने दुश्मन को संभलने तक का मौका नहीं दिया।
विशेषज्ञों की राय: क्यों है यह सबसे सफल?
रक्षा विशेषज्ञ डॉ. अमित वर्मा के अनुसार, “यह केवल एक सैन्य हमला नहीं था, बल्कि यह दुश्मन की मनोवैज्ञानिक हार थी। हमने बिना किसी बड़े नुकसान के अपने लक्ष्यों को 100% सटीकता के साथ हासिल किया।” विशेषज्ञों ने इसके सफल होने के तीन मुख्य कारण बताए हैं:
इंटेलिजेंस सुप्रीमेसी: ऑपरेशन शुरू होने से पहले दुश्मन के हर बंकर और मूवमेंट की सटीक जानकारी।
सर्जिकल प्रिसिजन: आबादी वाले इलाकों को बचाते हुए केवल रणनीतिक ठिकानों को जमींदोज करना।
साइबर साइलेंस: हमले के दौरान दुश्मन के संचार तंत्र को पूरी तरह ठप कर देना, जिससे उन्हें बैकअप न मिल सके।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी भारत की धक
इस कार्रवाई के बाद वैश्विक रक्षा पत्रिकाओं और थिंक-टैंक्स में भारतीय सेना की रणनीति पर शोध शुरू हो गया है। कई विकसित देशों के सैन्य पर्यवेक्षकों ने इसे ‘क्लासिक वॉरफेयर’ की संज्ञा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस ऑपरेशन ने दुनिया को संदेश दे दिया है कि नई सदी का भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए नई तकनीक और आक्रामक रणनीति अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।
मुख्य बिंदु:
जीरो कैजुअल्टी: भारतीय सेना की ओर से शून्य जनहानि के साथ मिशन पूरा।
समय सीमा: रिकॉर्ड समय के भीतर ऑपरेशन को अंजाम देकर सुरक्षित वापसी।
तकनीक: स्वदेशी युद्ध प्रणालियों का पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सफल परीक्षण।
फिलहाल, रक्षा मंत्रालय ने ऑपरेशन के कुछ गुप्त पहलुओं को अभी भी सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि आने वाले समय में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को दुनिया भर की सैन्य अकादमियों में एक केस स्टडी के रूप में पढ़ाया जाएगा।
