पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज: TRE-4 नोटिफिकेशन में देरी पर फूटा छात्रों का गुस्सा
पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज: TRE-4 नोटिफिकेशन में देरी पर फूटा छात्रों का गुस्सा
बिहार की राजधानी पटना आज एक बार फिर रणक्षेत्र बन गई. शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण (TRE-4) की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हजारों अभ्यर्थियों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजीं. छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में पटना कॉलेज से शुरू हुआ यह विरोध मार्च जैसे ही आगे बढ़ा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली.
प्रदर्शन की मुख्य वजहें
अभ्यर्थियों के आक्रोश के पीछे शिक्षा विभाग और बीपीएससी द्वारा किए गए वादों का पूरा न होना है:
नोटिफिकेशन में देरी: शिक्षा विभाग ने पहले आश्वासन दिया था कि 19-20 अप्रैल तक नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा और 26 अप्रैल से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी. लेकिन मई का दूसरा हफ्ता बीतने को है और अभी तक विज्ञापन का कोई पता नहीं है.
परीक्षा कैलेंडर का उल्लंघन: बीपीएससी के मूल कैलेंडर के अनुसार, TRE-4 की परीक्षा 24 अगस्त 2024 को होनी थी और परिणाम 24 सितंबर 2024 को आना था.
उम्र सीमा का खतरा: विज्ञापन में हो रही देरी के कारण हजारों अभ्यर्थियों की निर्धारित आयु सीमा समाप्त होने की कगार पर है. छात्रों को डर है कि अगर जल्द भर्ती नहीं आई, तो वे आवेदन करने के योग्य ही नहीं रहेंगे.
लाठीचार्ज और अफरा-तफरी
छात्र नेता दिलीप के आह्वान पर हजारों छात्र पटना की सड़कों पर उतरे. जब आक्रोशित छात्रों ने आगे बढ़ने की कोशिश में बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया, तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया.
पुलिस के लाठीचार्ज करते ही भगदड़ मच गई.
इस प्रदर्शन में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल थीं, जिन्हें भी पुलिसिया कार्रवाई का सामना करना पड़ा.
कितने पदों पर होनी है भर्ती?
भले ही विज्ञापन में देरी हो रही हो, लेकिन पदों की संख्या को लेकर तस्वीर कुछ हद तक साफ है. बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार के अनुसार:
”TRE-4 के तहत कुल 46,882 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जानी है. विभाग को अधियाचना मिल चुकी है और जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी.”
निष्कर्ष
फरवरी में बीपीएससी ने नोटिस जारी कर ‘शीघ्र’ विज्ञापन लाने की बात कही थी, लेकिन धरातल पर अब तक कुछ नहीं दिखा है. अभ्यर्थियों की मांग स्पष्ट है: “तारीख नहीं, अब सीधे नोटिफिकेशन चाहिए.” फिलहाल पटना में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और छात्र अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.
