बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ का आगाज: शुभेंदु अधिकारी होंगे नए मुख्यमंत्री, कल ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया है। शुभेंदु अधिकारी को आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल का नेता चुन लिया गया है, और वे कल यानी 9 मई 2026 को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ का आगाज: शुभेंदु अधिकारी होंगे नए मुख्यमंत्री, कल ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद, मुख्यमंत्री के नाम पर लगा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में आज कोलकाता में हुई विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर मुहर लगा दी गई है। वे पश्चिम बंगाल के इतिहास में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री होंगे।
कल सुबह 10:00 बजे शपथ ग्रहण
बीजेपी ने इस शपथ ग्रहण समारोह को यादगार बनाने के लिए कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड (Brigade Parade Ground) को चुना है।
समय: शपथ ग्रहण समारोह कल सुबह 10:00 बजे (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 11:00 बजे) शुरू होगा।
मुख्य अतिथि: इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री कोलकाता पहुँच रहे हैं।
कैसे तय हुआ शुभेंदु का नाम?
बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया।
जायंट किलर की छवि: शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को करीब 15,000 वोटों से हराकर अपनी ‘जायंट किलर’ की छवि को और मजबूत किया है।
संगठनात्मक पकड़: बंगाल की जमीनी राजनीति और टीएमसी की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह वाकिफ होने के कारण आलाकमान ने उन पर भरोसा जताया है।
चुनावी नतीजों की झलक (2026)
बीजेपी ने इस बार बंगाल में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता परिवर्तन किया है:
BJP: 207 सीटें (ऐतिहासिक जीत)
TMC: 80 सीटें (भारी गिरावट)
अन्य: 7 सीटें
ममता बनर्जी का इस्तीफा
नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने हार स्वीकार करते हुए कहा कि वे विपक्ष की भूमिका निभाएंगी, हालांकि उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए हैं।
क्या होगी नई सरकार की प्राथमिकता?
शुभेंदु अधिकारी ने विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद मीडिया से कहा कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता बंगाल में कानून व्यवस्था को बहाल करना और भ्रष्टाचार पर नकेल कसना होगी।
बड़ी बात: पश्चिम बंगाल में यह 15 साल पुराने तृणमूल शासन का अंत है और पहली बार कोई राष्ट्रवादी दक्षिणपंथी पार्टी (BJP) राज्य की कमान संभालने जा रही है।
कल का दिन बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नए युग की शुरुआत के रूप में दर्ज होगा।
