तमिलनाडु में ‘विजय’ का शंखनाद: TVK की सरकार बनना तय, कांग्रेस और वामदलों के समर्थन से बहुमत का आंकड़ा पार
तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की पटकथा तैयार हो चुकी है। सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) अब राज्य में सरकार बनाने के बेहद करीब पहुँच गई है। विपक्षी दलों के समर्थन के साथ विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
तमिलनाडु में ‘विजय’ का शंखनाद: TVK की सरकार बनना तय, कांग्रेस और वामदलों के समर्थन से बहुमत का आंकड़ा पार
चेन्नई: तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति (DMK और AIADMK) के दशकों पुराने वर्चस्व को तोड़ते हुए अभिनेता से नेता बने विजय इतिहास रचने जा रहे हैं। गठबंधन के नए समीकरणों के बाद TVK अब बहुमत के जादुई आंकड़े को छू चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, विजय आज शाम राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं।
बहुमत का गणित: कैसे जुटाया आंकड़ा?
तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन अब विजय के पक्ष में नजर आ रहा है। गठबंधन की तस्वीर कुछ इस प्रकार है:
TVK: 108 सीटें (विजय ने खुद दो सीटों पर जीत दर्ज की है)।
कांग्रेस: 5 विधायकों ने समर्थन का ऐलान किया है।
वामदल और VCK: CPI, CPM और VCK के कुल 6 विधायकों ने भी TVK को समर्थन देने का फैसला किया है।
कुल आंकड़ा: 108 + 5 + 6 = 119 सीटें (जो बहुमत के लिए पर्याप्त है)।
राज्यपाल से मुलाकात और प्रेस कॉन्फ्रेंस
विजय के नेतृत्व में नई सरकार के गठन को लेकर आज शाम का समय बेहद महत्वपूर्ण है:
प्रेस कॉन्फ्रेंस: शाम 4:30 बजे सभी गठबंधन सहयोगी पार्टियाँ (TVK, कांग्रेस, वामदल और VCK) एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती हैं।
राजभवन से बुलावा: विजय ने शाम 4:30 बजे राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है। इस सप्ताह राज्यपाल के साथ यह उनकी तीसरी मुलाकात होगी, जहाँ वे सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश करेंगे।
द्रविड़ राजनीति के बीच ‘तीसरा विकल्प’
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु के युवाओं ने इस बार विजय की पार्टी को एक ‘तीसरे विकल्प’ के रूप में देखा है। DMK और AIADMK की पारंपरिक लड़ाई से इतर राज्य का एक बड़ा वर्ग नई तरह की राजनीति की तलाश में था, जिसका फायदा TVK को मिला।
मल्लिकार्जुन खरगे और डी. राजा की भूमिका
इस गठबंधन को आकार देने में दिल्ली की राजनीति का भी बड़ा हाथ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने व्यक्तिगत रूप से CPI महासचिव डी. राजा से अपील की थी कि वे तमिलनाडु में एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के लिए विजय का सहयोग करें। इसी क्रम में TVK नेता निर्मल कुमार ने गुरुवार को वामदलों और आईयूएमएल (IUML) के नेताओं से मुलाकात कर समर्थन मांगा था।
क्या विजय बनेंगे मुख्यमंत्री?
पार्टी के भीतर और समर्थकों के बीच इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि विजय ही तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उनके प्रति जबरदस्त जनसमर्थन और हालिया चुनावी नतीजों ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है।
बड़ी बात: यदि आज शाम राज्यपाल से समय मिल जाता है, तो तमिलनाडु में दशकों बाद किसी गैर-द्रविड़ (DMK/AIADMK) मुख्यधारा वाली पार्टी की सरकार बनेगी, जो भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ा संदेश होगा।
ताजा अपडेट के लिए बने रहें, शाम 4:30 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस तमिलनाडु की नई दिशा तय करेगी।
