राहुल गांधी का नए CBI चीफ चयन पर ऐतराज! बोले- ‘मैं रबर स्टैंप नहीं हूँ’
राहुल गांधी का नए CBI चीफ चयन पर ऐतराज! बोले- ‘मैं रबर स्टैंप नहीं हूँ’
नई दिल्ली: नए सीबीआई निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीखा ऐतराज जताया है। उन्होंने साफ कहा कि वह सरकार के प्रस्तावित नाम को सिर्फ रबर स्टैंप की तरह मंजूरी देने के लिए कमेटी में नहीं बैठे हैं।
राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय चयन समिति (जिसमें CJI और LoP शामिल हैं) की बैठक में डिसेंट नोट दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार की ओर से प्रस्तावित नामों पर उन्होंने पूरी जानकारी मांगी थी, लेकिन पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने 69 नामों की सूची को जल्दबाजी में देखने का भी आरोप लगाया।e39a8f
क्या है पूरा मामला?
मौजूदा CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
चयन समिति की बैठक में PM मोदी, CJI सूर्यकांत और राहुल गांधी शामिल हुए।
राहुल गांधी ने कहा कि LoP की भूमिका सिर्फ औपचारिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने CBI के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्वतंत्र और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग की।
उन्होंने पूछा- “क्या मैं सिर्फ मोदी जी और अमित शाह जी जो कहें, उसे रबर स्टैंप कर देने के लिए यहां बैठा हूँ?”
यह राहुल गांधी का दूसरा या तीसरा डिसेंट नोट माना जा रहा है। इससे पहले भी उन्होंने इसी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भाजपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि नई नियुक्ति जल्द घोषित की जा सकती है। कांग्रेस इसे संस्थाओं पर कब्जे की कोशिश बता रही है, जबकि सरकार इसे सामान्य प्रक्रिया बताती है।
CBI जैसी प्रमुख जांच एजेंसी के प्रमुख की नियुक्ति हमेशा से विवादों में रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि विपक्ष की असहमति के बावजूद सरकार बहुमत से फैसला ले सकती है, लेकिन यह संस्था की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करता है।
आप क्या सोचते हैं? क्या CBI चीफ की नियुक्ति में विपक्ष की भूमिका सिर्फ औपचारिक होनी चाहिए या इसमें असली सहमति जरूरी है? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं!
