महँगे पेट्रोल-डीजल की आहट: RBI गवर्नर और तेल मंत्री ने दिए बड़े संकेत
महँगे पेट्रोल-डीजल की आहट: RBI गवर्नर और तेल मंत्री ने दिए बड़े संकेत
नई दिल्ली | 13 मई, 2026: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल के बीच भारत में ईंधन की कीमतों में वृद्धि अब लगभग तय मानी जा रही है। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के बयानों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि आने वाले दिनों में जनता की जेब पर बोझ बढ़ सकता है।
RBI गवर्नर: “दाम बढ़ाना अब केवल समय की बात”
स्विट्जरलैंड में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट संकेत दिए कि यदि पश्चिम एशिया का संकट लंबा खिंचता है, तो कीमतों में बढ़ोतरी को रोकना मुश्किल होगा।
अनिवार्य कदम: गवर्नर ने कहा कि अब तक सरकार और तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों का भार वहन किया है, लेकिन यदि तनाव बना रहता है, तो इसका कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालना “महज समय की बात” (a matter of time) है।
डेटा-निर्भर रुख: उन्होंने बताया कि RBI फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है और जून में होने वाली मौद्रिक नीति बैठक (MPC) में इस पर ठोस निर्णय लिया जा सकता है।
तेल मंत्री: तेल कंपनियों का घाटा बना चिंता का कारण
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने CII एनुअल बिजनेस समिट 2026 में तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की:
1,000 करोड़ का दैनिक घाटा: उन्होंने खुलासा किया कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) फिलहाल लगभग 1,000 करोड़ रुपये प्रतिदिन का घाटा उठा रही हैं।
भारी अंडर-रिकवरी: कंपनियों की कुल अंडर-रिकवरी (बाजार भाव और बिक्री भाव का अंतर) लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गई है।
भंडारण की स्थिति: हालांकि मंत्री ने आश्वस्त किया कि भारत के पास 60 दिनों का कच्चा तेल और LNG का पर्याप्त भंडार है, लेकिन वित्तीय दबाव कीमतों में संशोधन की ओर इशारा कर रहा है।
कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें? (विशेषज्ञों का अनुमान)
बाजार विश्लेषकों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 15 मई 2026 के आसपास ईंधन की कीमतों में बदलाव देखा जा सकता है:
पेट्रोल और डीजल: कीमतों में 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
LPG सिलेंडर: घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी 40 से 50 रुपये की बढ़ोतरी की चर्चा है।
पीएम मोदी की ‘मितव्ययिता’ की अपील
इस आर्थिक संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से एक विशेष अपील की है। उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने, सोने की खरीदारी फिलहाल टालने और फिजूलखर्ची रोकने का आग्रह किया है, ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार और अर्थव्यवस्था पर दबाव कम किया जा सके।
महंगाई का खतरा: यदि ईंधन के दाम बढ़ते हैं, तो माल ढुलाई (logistics) महंगी होने के कारण फल, सब्जी और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ना तय है।
