गौतम गंभीर पर अतुल वासन का बड़ा हमला: बोले- ‘कोच का स्वभाव बुली करने वाला, वे माय वे या हाईवे की नीति पर चलते हैं’
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। जहां एक तरफ उनकी कोचिंग में भारत ने हाल ही में सफेद गेंद के क्रिकेट (White-ball cricket) में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके मैनेजमेंट स्टाइल को लेकर आलोचनाएं भी तेज हो गई हैं। पूर्व भारतीय पेसर अतुल वासन ने गंभीर के स्वभाव पर तीखे प्रहार करते हुए उन्हें टीम के माहौल में ‘बुली’ करार दिया है।
गौतम गंभीर पर अतुल वासन का बड़ा हमला: बोले- ‘कोच का स्वभाव बुली करने वाला, वे माय वे या हाईवे की नीति पर चलते हैं’
10 जुलाई 2024 को राहुल द्रविड़ से कमान संभालने वाले गौतम गंभीर के कार्यकाल को लेकर क्रिकेट जगत दो धड़ों में बंट गया है। एक तरफ उनकी कप्तानी जैसी आक्रामक कोचिंग ने भारत को विश्व विजेता बनाया, तो दूसरी तरफ टेस्ट क्रिकेट में टीम की बदहाली ने उनके मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अतुल वासन के सनसनीखेज आरोप: “अहंकार अलग स्तर पर है”
दिल्ली के पूर्व क्रिकेटर अतुल वासन ने एक इंटरव्यू में गंभीर के व्यक्तित्व की परतें खोलते हुए कई गंभीर दावे किए। वासन ने कहा कि गंभीर के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल है क्योंकि वह किसी की सुनना पसंद नहीं करते।
वासन के बयानों के मुख्य बिंदु:
धमकाने वाला स्वभाव: वासन के अनुसार, गंभीर बचपन से ही दिल्ली क्रिकेट में ‘बुली’ (Bully) करने वाले रहे हैं। उनका रवैया हमेशा ‘माय वे या हाईवे’ (मेरी बात मानो या रास्ता नापो) जैसा रहा है।
अहंकार का मुद्दा: पूर्व पेसर ने कहा कि गंभीर का अहंकार इस स्तर पर है कि वह चाहते हैं कि लोग उनकी हर बात को बिना सवाल किए मान लें। यदि कोई उनकी लाइन में नहीं लगता, तो वे उसे नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते हैं।
विराट के साथ टकराव: वासन ने उनके स्वभाव को ‘अल्फा-मेल’ मानसिकता वाला बताया और कहा कि शायद इसी वजह से वे विराट कोहली जैसे बड़े खिलाड़ियों से भिड़ते रहते हैं।
गंभीर का रिपोर्ट कार्ड: शिखर और ढलान का संगम
गौतम गंभीर का अब तक का कार्यकाल विरोधाभासों से भरा रहा है। उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने कुछ ऐसी सफलताएं पाईं जो पहले कभी नहीं मिली थीं:
ऐतिहासिक सफलताएं (सफेद गेंद):
गंभीर के मार्गदर्शन में भारत दुनिया की पहली ऐसी टीम बनी जिसने एक साथ तीन बड़े खिताब अपने नाम किए:
आईसीसी पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026
चैंपियंस ट्रॉफी 2025
एशिया कप 2025
टेस्ट क्रिकेट में विफलता:
व्हाइट-बॉल में सफलता के उलट, रेड-बॉल क्रिकेट में टीम इंडिया का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है:
न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में शर्मनाक हार।
एक दशक बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के हाथों शिकस्त।
BCCI का अटूट समर्थन
इतनी आलोचनाओं और टेस्ट में खराब प्रदर्शन के बावजूद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) गंभीर के साथ मजबूती से खड़ा है। खबरें हैं कि बोर्ड उनके कॉन्ट्रैक्ट को 2027 वनडे वर्ल्ड कप और संभवतः 2028 T20 वर्ल्ड कप तक बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर की यही ‘दिल्ली वाली आक्रामकता’ उनकी ताकत भी है और कमजोरी भी। अब देखना यह होगा कि क्या गंभीर टेस्ट क्रिकेट में टीम की साख वापस दिला पाते हैं या अतुल वासन द्वारा उठाए गए सवाल टीम के माहौल को और प्रभावित करेंगे।
