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भारत-वियतनाम संबंधों का नया अध्याय: पीएम मोदी और राष्ट्रपति तो लाम की मुलाकात, 2030 तक $25 बिलियन व्यापार का लक्ष्य

भारत-वियतनाम संबंधों का नया अध्याय: पीएम मोदी और राष्ट्रपति तो लाम की मुलाकात, 2030 तक $25 बिलियन व्यापार का लक्ष्य

​नई दिल्ली। भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ पॉलिसी को और मजबूती देते हुए वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने अपने उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत का आधिकारिक दौरा किया। बुधवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति तो लाम के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें रक्षा, व्यापार, संस्कृति और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

​साझा विरासत और आध्यात्मिक जुड़ाव

​प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति तो लाम का स्वागत करते हुए दोनों देशों के गहरे आध्यात्मिक संबंधों पर प्रकाश डाला।

​बोधगया से शुरुआत: पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का अपनी यात्रा बोधगया से शुरू करना दोनों देशों की साझा बौद्ध परंपराओं को दर्शाता है। पिछले वर्ष भारत से वियतनाम गए बौद्ध अवशेषों के दर्शन वहाँ की 15% जनसंख्या ने किए थे।

​सांस्कृतिक संरक्षण: भारत वियतनाम की प्राचीन चम्पा सभ्यता के मंदिरों (मी सॉन और न्हान टवर) का जीर्णोद्धार कर रहा है। अब चम्पा सभ्यता की पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने का भी निर्णय लिया गया है।

​आर्थिक और व्यापारिक लक्ष्य

​दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया:

​व्यापार लक्ष्य: पिछले एक दशक में व्यापार दोगुना होकर $16 बिलियन पहुंच गया है। अब इसे 2030 तक $25 बिलियन करने का लक्ष्य रखा गया है।

​कृषि निर्यात: जल्द ही भारत के अंगूर और अनार वियतनाम के बाजारों में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा मत्स्य और पशु उत्पादों के निर्यात को भी सुगम बनाया जाएगा।

​दवा क्षेत्र: दोनों देशों की ड्रग अथॉरिटीज के बीच हुए समझौते (MoU) से वियतनाम में भारतीय दवाओं की पहुंच और बढ़ेगी।

​रक्षा और इंडो-पैसिफिक विजन

​सुरक्षा सहयोग पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने वियतनाम को भारत के ‘विजन महासागर’ का मुख्य स्तंभ बताया।

​क्षेत्रीय स्थिरता: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और कानून के राज के लिए दोनों देश रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करेंगे।

​आसियान (ASEAN): वियतनाम के माध्यम से भारत आसियान देशों के साथ अपने संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में कार्य करेगा।

​बढ़ती कनेक्टिविटी

​पीएम मोदी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी (हवाई संपर्क) लगातार बढ़ रही है, जिससे न केवल व्यापार बल्कि पर्यटन और आपसी संवाद को भी बढ़ावा मिल रहा है।

​यह मुलाकात भारत और वियतनाम के बीच “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई है।

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