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​IND vs PAK स्पोर्ट्स पॉलिसी: द्विपक्षीय मैचों पर ‘नो’, लेकिन वर्ल्ड कप और एशिया कप में ‘यस’

भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय खेल संबंधों को लेकर सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। खेल मंत्रालय द्वारा 6 मई 2026 को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) पर लगा प्रतिबंध जारी रहेगा, हालांकि मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट्स (Multilateral Events) के लिए नियमों में ढील दी गई है।

​IND vs PAK स्पोर्ट्स पॉलिसी: द्विपक्षीय मैचों पर ‘नो’, लेकिन वर्ल्ड कप और एशिया कप में ‘यस’

​खेल मंत्रालय ने अपने ताजा सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय (Bilateral) स्तर पर कोई भी खेल मुकाबला नहीं होगा। यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

​नीति के प्रमुख बिंदु

​द्विपक्षीय प्रतिबंध: भारतीय टीमें न तो पाकिस्तान का दौरा करेंगी और न ही पाकिस्तानी टीमों को भारत में द्विपक्षीय सीरीज खेलने की अनुमति दी जाएगी।

​बहुपक्षीय आयोजनों (Multilateral Events) में छूट: ICC टूर्नामेंट्स (वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी), एशिया कप, ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसे आयोजनों में दोनों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकेंगी।

​भारत में भागीदारी: यदि भारत किसी इंटरनेशनल या मल्टी-नेशनल इवेंट की मेजबानी करता है, तो पाकिस्तानी एथलीटों को भारत आने की अनुमति दी जाएगी। मंत्रालय ने इसके लिए वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाने का भी निर्देश दिया है।

​इस फैसले की पृष्ठभूमि

​यह नीति पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद उपजे तनाव के मद्देनजर तैयार की गई थी। उस समय एशिया कप के दौरान भारत और पाकिस्तान के खेलने को लेकर काफी विवाद हुआ था।

​ऑपरेशन सिंदूर: हाल ही में सीमा पर तनाव और सुरक्षा कारणों से सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, द्विपक्षीय खेल संबंध बहाल नहीं किए जा सकते।

​वैश्विक मेजबानी पर नजर (Olympics & CWG)

​भारत सरकार इस समय दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी की तैयारी कर रही है:

​2030 कॉमनवेल्थ गेम्स: अहमदाबाद को आधिकारिक तौर पर 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए मेजबान शहर के रूप में चुना जा चुका है।

​2036 ओलंपिक: भारत 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का प्रबल दावेदार है।

​रणनीतिक महत्व: अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं (जैसे IOC और ICC) के नियमों के अनुसार, मेजबान देश को सभी प्रतिभागी देशों के एथलीटों को प्रवेश देना अनिवार्य होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने बहुपक्षीय आयोजनों के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को छूट दी है, ताकि भारत की वैश्विक मेजबानी की दावेदारी पर कोई आंच न आए।

​प्रशंसकों के लिए क्या हैं मायने?

​क्रिकेट फैंस के लिए यह एक ‘मिश्रित’ खबर है। उन्हें भारत-पाकिस्तान के बीच कोई टेस्ट या वनडे सीरीज तो देखने को नहीं मिलेगी, लेकिन आईसीसी इवेंट्स और एशिया कप में इन दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों की भिड़ंत पहले की तरह जारी रहेगी।

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