‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ खत्म, ईरान जंग पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बड़ा बयान
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ खत्म, ईरान जंग पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बड़ा बयान
वाशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चलाए गए बड़े सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को समाप्त घोषित कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि ऑपरेशन के सभी निर्धारित लक्ष्य पूरे हो चुके हैं और अब नया चरण शुरू हो गया है।
रूबियो का प्रमुख बयान
“ऑपरेशन एपिक फ्यूरी समाप्त हो गया है। हमने इसके उद्देश्यों को हासिल कर लिया है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित करने और ईरान के साथ व्यापक शांति समझौते की दिशा में काम कर रहा है।
रूबियो ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर (युद्धविराम) जारी है, लेकिन अमेरिकी सेनाएं सतर्क रहेंगी और यदि जरूरी हुआ तो कार्रवाई फिर शुरू की जा सकती है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्या था?
फरवरी 2026 के अंत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू हुआ यह अभियान।
मुख्य लक्ष्य: ईरान की मिसाइल क्षमता, नौसेना, ड्रोन उत्पादन और न्यूक्लियर सुविधाओं को नष्ट करना।
अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में लगभग 38 दिनों में ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
ईरान ने सीजफायर स्वीकार किया और होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने पर सहमति दी।
मौजूदा स्थिति
होर्मुज में कुछ तनाव और अलग-अलग घटनाएं अभी भी रिपोर्ट हो रही हैं।
अमेरिका ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नामक रक्षात्मक अभियान को कुछ समय के लिए रोक दिया है ताकि ईरान के साथ अंतिम समझौते की बातचीत हो सके।
रक्षा सचिव पेटे हेगसेथ ने पहले ही कहा था कि ऑपरेशन ने ईरान की सैन्य क्षमता को वर्षों के लिए कमजोर कर दिया है।
नोट: हालांकि ऑपरेशन समाप्त हो गया है, लेकिन क्षेत्र में शांति पूरी तरह बहाल नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे की स्थिति ईरान के व्यवहार और ट्रंप प्रशासन की बातचीत पर निर्भर करेगी।
यह खबर व्हाइट हाउस, स्टेट डिपार्टमेंट और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें।
