शशि शेखर वेम्पति बने CBFC के नए चेयरपर्सन, फिल्म सर्टिफिकेशन को मिलेगी नई दिशा
शशि शेखर वेम्पति बने CBFC के नए चेयरपर्सन, फिल्म सर्टिफिकेशन को मिलेगी नई दिशा
नई दिल्ली: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए मशहूर मीडिया विशेषज्ञ और प्रसार भारती के पूर्व सीईओ शशि शेखर वेम्पति को ‘सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन’ (CBFC) का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। हाल ही में पद्म श्री से सम्मानित वेम्पति की यह नियुक्ति भारतीय फिल्म जगत और प्रमाणन प्रक्रिया के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है।
अनुभव और विशेषज्ञता का संगम
शशि शेखर वेम्पति प्रसारण और मीडिया क्षेत्र के एक दिग्गज अनुभवी व्यक्ति हैं। उन्होंने प्रसार भारती के सीईओ के रूप में अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान सार्वजनिक प्रसारण में क्रांतिकारी बदलाव किए थे।
आधुनिकीकरण: उनके नेतृत्व में ‘ऑल इंडिया रेडियो’ और ‘दूरदर्शन’ को डिजिटल रूप से सशक्त और आधुनिक बनाया गया।
तकनीकी समझ: वेम्पति डीप टेक्नोलॉजी (Deep Tech) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी गहरी विशेषज्ञता रखते हैं, जिसका लाभ अब सेंसर बोर्ड को मिलने की उम्मीद है।
नई चुनौतियां और उम्मीदें
सीबीएफसी के प्रमुख के रूप में वेम्पति के सामने सबसे बड़ी चुनौती रचनात्मक स्वतंत्रता और सामाजिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाए रखना होगा। विशेषज्ञों को उनसे निम्नलिखित बदलावों की उम्मीद है:
पारदर्शिता और गति: प्रमाणन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाना।
डिजिटल सुधार: ऑनलाइन सबमिशन और सर्टिफिकेशन की डिजिटल प्रक्रियाओं को एआई की मदद से और बेहतर करना।
हितधारकों के बीच सेतु: फिल्म निर्माताओं और सरकारी नीतियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।
बदलते सिनेमाई परिदृश्य में अहम भूमिका
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय फिल्म उद्योग ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स, क्षेत्रीय सिनेमा के वैश्विक प्रसार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के कारण तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। फिल्मकारों और मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि वेम्पति की पृष्ठभूमि सीबीएफसी को एक आधुनिक और संतुलित संस्था बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
शशि शेखर वेम्पति इससे पहले टीवी रेटिंग गाइडलाइंस की समीक्षा समिति जैसी कई महत्वपूर्ण समितियों की अध्यक्षता कर चुके हैं। अब देखना यह होगा कि फिल्म प्रमाणन के क्षेत्र में उनके नेतृत्व में किस तरह के नए मानक स्थापित होते हैं।
