उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 18 प्रस्तावों पर मुहर, जानें आपके काम के कौन से हैं फैसले?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें वन भर्ती नियमों में बदलाव से लेकर कुंभ मेले की तैयारियों तक के विषय शामिल हैं।
बैबिनेट बैठक के मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:
1. भर्ती नियमों में बड़े बदलाव: वन दरोगा और वन आरक्षी
युवाओं के लिए वन विभाग में भर्ती की प्रक्रिया और योग्यता में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं:
वन दरोगा: अब शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक (Graduate) कर दी गई है। साथ ही, आयु सीमा भी अब 21 से 35 वर्ष होगी।
वन आरक्षी: भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
2. महाकुंभ 2026 की तैयारी: वित्तीय अधिकारों का विकेंद्रीकरण
आगामी कुंभ मेले के कार्यों को गति देने के लिए अधिकारियों की वित्तीय शक्तियों में वृद्धि की गई है:
कुंभ मेला अधिकारी: 1 करोड़ रुपये तक के कार्यों को स्वीकृत कर सकेंगे।
गढ़वाल आयुक्त (कमिश्नर): 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों को स्वीकृति दे सकेंगे।
शासन स्तर: 5 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों की मंजूरी शासन स्तर से दी जाएगी।
3. परिवहन और बुनियादी ढांचा
नई बसों की खरीद: परिवहन निगम के बेड़े में 250 नई बसें शामिल की जाएंगी। जीएसटी की दर 28% से घटकर 18% होने के कारण बसों की संख्या में भी संशोधन किया गया है।
D श्रेणी ठेकेदार: उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली के तहत सूचीबद्ध D श्रेणी ठेकेदारों की कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है।
4. मदरसा शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण
मदरसों की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम का अध्यादेश लाने की मंजूरी दी गई है:
कक्षा 1 से 8 तक: जिला स्तरीय शिक्षा समिति या सक्षम अधिकारी से ही मान्यता मिल जाएगी।
कक्षा 12 तक: जो मदरसे 12वीं तक संचालित हैं, उन्हें उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी अनिवार्य होगी।
5. शिक्षा और समाज कल्याण के अन्य प्रमुख निर्णय
विधिक सेवा: जिला सैनिक कल्याण अधिकारी अब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन सदस्य होंगे। साथ ही, एसिड अटैक पीड़ितों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
उच्च शिक्षा प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ अब प्रदेश के 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को भी मिलेगा।
दिव्यांग कोटा: लोक निर्माण विभाग (PWD) में दिव्यांग श्रेणी के पदों की प्रतिपूर्ति के लिए 6 नए पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है।
6. अन्य महत्वपूर्ण संशोधन
उप खनिज रॉयल्टी: रॉयल्टी की दर 7 रुपये से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल कर दी गई है।
मौन पालन (एपिकल्चर): वन क्षेत्र की सीमा में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति पर सहमति बनी है।
संस्कृत शिक्षा: उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई है।
निष्कर्ष: धामी सरकार के इन फैसलों से न केवल सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और गुणवत्ता आएगी, बल्कि कुंभ जैसी मेगा इवेंट्स के लिए प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी देखने को मिलेगी। परिवहन और शिक्षा के क्षेत्र में लिए गए ये निर्णय राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।
