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ग्लैमर की दुनिया छोड़ ‘कृष्ण भक्ति’ में रमीं एकता कपूर की एक्ट्रेस: एना जयसिंघानी अब बनीं ‘एना परी हरीवंशी’, वृंदावन को बनाया अपना ठिकाना

ग्लैमर की दुनिया छोड़ ‘कृष्ण भक्ति’ में रमीं एकता कपूर की एक्ट्रेस: एना जयसिंघानी अब बनीं ‘एना परी हरीवंशी’, वृंदावन को बनाया अपना ठिकाना

​मुंबई/वृंदावन | मनोरंजन डेस्क

​ग्लैमर और चकाचौंध की दुनिया को छोड़कर अध्यात्म की राह पकड़ना अब एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड बन गया है। ममता कुलकर्णी और बरखा मदान जैसी अभिनेत्रियों की फेहरिस्त में अब एक और नाम जुड़ गया है— एना जयसिंघानी। एकता कपूर के शोज और कई मशहूर टीवी सीरियल्स का हिस्सा रहीं एना ने एक्टिंग की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है और अब वह कान्हा की नगरी वृंदावन में भक्ति भाव में लीन हैं।

​मुंबई का संघर्ष और एक्टिंग का सफर

​ग्वालियर की रहने वाली एना जयसिंघानी बरसों पहले आंखों में बड़े सपने लेकर सपनों की नगरी मुंबई पहुंची थीं। उन्होंने अपने सफर की शुरुआत एक फ्री-लांस कोरियोग्राफर के तौर पर की थी।

​डांस से शुरुआत: बचपन से ही डांस की शौकीन एना ने साल 2011 में कोरियोग्राफी शुरू की और मशहूर कोरियोग्राफर सलमान और थॉमस पॉलसन की टीम के साथ काम किया।

​एक्टिंग की चाह: कोरियोग्राफी में नाम कमाने के बाद एना ने एक्टिंग की ओर रुख किया और एकता कपूर के ‘बालाजी टेलीफिल्म्स’ से एक्टिंग कोर्स किया।

​पहचान: उन्होंने ‘सावधान इंडिया’, ‘क्राइम पेट्रोल’ और चर्चित सीरियल ‘देखा एक ख्वाब’ में अहम भूमिकाएं निभाईं।

​सपने में आए प्रेमानंद महाराज और बदल गई जिंदगी

​एना के जीवन में मोड़ तब आया जब मुंबई में रहते हुए वह इस्कॉन मंदिर से जुड़ीं। धीरे-धीरे कृष्ण भक्ति का रंग उन पर ऐसा चढ़ा कि उन्होंने ‘माया’ की दुनिया से मोह भंग कर लिया। एना ने हाल ही में ‘मेरो वृंदावन’ चैनल को दिए इंटरव्यू में अपने इस बदलाव की कहानी साझा की:

​”मैंने बांके बिहारी से प्रार्थना की थी कि मुझे वृंदावन बुला लो। फिर एक दिन मेरे सपने में प्रेमानंद महाराज आए और उन्होंने मुझे ‘श्री’ नाम जपने का आदेश दिया। बस वहीं से सब बदल गया।”

​नया नाम और नई पहचान: एना परी हरीवंशी

​एना अब पूरी तरह से वृंदावन की हो चुकी हैं। उन्होंने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली है और अपना नाम बदलकर ‘एना परी हरीवंशी’ रख लिया है। वह कहती हैं कि ग्लैमर वर्ल्ड में नाम और शोहरत तो बहुत थी, लेकिन सुकून नहीं था।

​भक्ति पर एना के विचार:

​मोहमाया से दूरी: एना का मानना है कि एक्टिंग की दुनिया और सांसारिक सुख केवल मोहमाया हैं।

​सत्संग का प्रभाव: महाराज जी के सत्संग ने उन्हें सिखाया कि मनुष्य जीवन केवल ईश्वर के नाम जप के लिए है।

​अधूरा जीवन: उनका कहना है कि श्री कृष्ण का नाम लिए बिना मनुष्य शरीर का जन्म लेना व्यर्थ है।

​एना की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग उनके इस साहसी फैसले और भक्ति के प्रति समर्पण की सराहना कर रहे हैं।

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