Tuesday, June 30, 2026
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उत्तराखंड

​राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में VIP शादी: वन विभाग ने कर्मचारियों को थमाया नोटिस, मंदिर समिति पर भी केस दर्ज

​राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में VIP शादी: वन विभाग ने कर्मचारियों को थमाया नोटिस, मंदिर समिति पर भी केस दर्ज

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री खजानदास के बेटे की शादी का विवाद अब कानूनी और विभागीय कार्रवाई के घेरे में आ गया है। राजाजी टाइगर रिजर्व के अति-संवेदनशील ‘कोर जोन’ में बिना अनुमति के शादी समारोह आयोजित करने के मामले में वन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। जांच में यह पुष्टि हुई है कि इस वीवीआईपी आयोजन के लिए कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई थी।

​नियमों को ताक पर रख की गई थी तैयारियां

​कैबिनेट मंत्री के बेटे की शादी के लिए सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर और टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में भव्य टेंट, लाइटिंग और अन्य सजावट की गई थी। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत यह क्षेत्र बेहद प्रतिबंधित है और यहाँ किसी भी व्यावसायिक या निजी गतिविधि के लिए कड़ी अनुमति की आवश्यकता होती है। मीडिया में मामला आने के बाद वन विभाग ने आनन-फानन में टेंट हटाने की कार्रवाई की और आयोजन को सीमित करवाया गया।

​रेंजर और फॉरेस्टर से जवाब तलब

​मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने अपने ही कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। विभाग ने रेंजर, फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

​मुख्य सवाल: इतने संवेदनशील क्षेत्र में बिना अनुमति इतना बड़ा ढांचा कैसे खड़ा हो गया?

​जांच का बिंदु: क्या इस मामले में विभागीय कर्मियों की लापरवाही थी या सत्ता के दबाव में मिलीभगत?

​मंदिर समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज

​वन विभाग ने इस मामले में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरेश्वरी देवी मंदिर समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि समिति ने ही रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में आयोजन के लिए स्थान उपलब्ध कराया और नियमों का उल्लंघन होने दिया।

​उच्चाधिकारियों का सख्त रुख

​इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा संबंधित SDO (सब डिविजनल ऑफिसर) को सौंपा गया है। मुख्य वन संरक्षक (CF) राजीव धीमान ने स्पष्ट किया है कि:

​”प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया गया है। सभी संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। रिपोर्ट और जवाब प्राप्त होते ही दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

​वीआईपी कल्चर और पर्यावरण पर सवाल

​राजाजी टाइगर रिजर्व जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह के आयोजन ने पर्यावरणविदों और जनता के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि कोर जोन में इंसानी हस्तक्षेप से जानवरों के प्राकृतिक व्यवहार और संरक्षण प्रयासों को भारी नुकसान पहुंचता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार और विभाग प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का उदाहरण पेश करेंगे या मामला केवल स्पष्टीकरण तक सीमित रह जाएगा।

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