यूपी एटीएस की बड़ी सफलता: नोएडा से दो आतंकी गिरफ्तार, ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स की बड़ी साजिश नाकाम
यूपी एटीएस की बड़ी सफलता: नोएडा से दो आतंकी गिरफ्तार, ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स की बड़ी साजिश नाकाम
नोएडा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश एंटी-टेरर स्क्वॉड (ATS) ने एक बेहद संवेदनशील ऑपरेशन में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के इशारे पर काम कर रहे दो आतंकियों को नोएडा से गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही एटीएस ने भारत की अखंडता को नुकसान पहुंचाने और ‘टारगेटेड किलिंग’ की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण
गिरफ्तार किए गए दोनों युवक महज 20 वर्ष के हैं, जिन्हें सोशल मीडिया के जरिए रेडिकलाइज किया गया था:
तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान: निवासी बागपत (हाल पता मेरठ)।
समीर खान: निवासी पुरानी सीमापुरी, दिल्ली।
बरामदगी: इनके पास से एक .32 बोर की पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
सोशल मीडिया के जरिए बुना गया साजिश का जाल
एटीएस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि कैसे सीमा पार से भारतीय युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है:
पाकिस्तानी हैंडलर्स: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और कुछ पाकिस्तानी यूट्यूबर्स ISI के निर्देश पर भारतीय युवाओं को धार्मिक कट्टरता और पैसों का लालच देकर उकसा रहे थे।
स्लीपर सेल की तैयारी: इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को जोड़कर स्लीपर सेल तैयार किए जा रहे थे।
’ग्रेनेड हमला’ और ‘TTH’ का टास्क
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बेहद खतरनाक मंसूबों को कबूल किया है:
टारगेट किलिंग और लालच: तुषार उर्फ हिजबुल्ला ने बताया कि उसे कुछ घरों पर ग्रेनेड फेंकने और हत्याएं करने का निर्देश मिला था। इसके बदले उसे 2.5 लाख रुपये और बाद में दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजने का वादा किया गया था।
TTH (Tehrik-e-Taliban Hindustan): समीर खान को दीवारों पर ‘TTH’ लिखने और नए लड़कों को संगठन से जोड़ने का काम सौंपा गया था।
रेकी और धमकियां: ये दोनों आरोपी संवेदनशील स्थलों और व्यक्तियों की रेकी कर रहे थे। पाकिस्तानी हैंडलर्स कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए धमकियां देने में भी शामिल रहते थे।
कानूनी कार्रवाई और UAPA के तहत केस
एटीएस ने लखनऊ के एटीएस थाने में मुकदमा संख्या 03/2026 दर्ज किया है। आरोपियों पर कड़ी धाराएं लगाई गई हैं:
BNS (भारतीय न्याय संहिता)
आर्म्स एक्ट
UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम)
अगला कदम: एटीएस अब इन आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) लेने की तैयारी कर रही है ताकि इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ISI के स्लीपर सेल्स के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके।
एटीएस के अनुसार, समय रहते इन गिरफ्तारियों ने एक बड़ी आतंकी घटना को टाल दिया है। जांच एजेंसी अब उन सभी डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाल रही है जिनका इस्तेमाल पाकिस्तानी हैंडलर्स युवाओं को रेडिकलाइज करने के लिए कर रहे थे।
