ट्रंप की ‘नरक’ वाली टिप्पणी पर ईरान ने भारत का दिया साथ: कहा- “इंडिया आकर देखो, फिर बोलना”
ट्रंप की ‘नरक’ वाली टिप्पणी पर ईरान ने भारत का दिया साथ: कहा- “इंडिया आकर देखो, फिर बोलना”
नई दिल्ली/मुंबई: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत और चीन जैसे देशों को लेकर की गई एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। ट्रंप ने एक कट्टरपंथी अमेरिकी लेखक के पुराने वीडियो का टेक्स्ट साझा किया था, जिसमें भारत को “हेल होल” (नरक) बताया गया था। इस मामले में भारत की तीखी प्रतिक्रिया के बाद अब ईरान ने भी भारत का पुरजोर समर्थन करते हुए ट्रंप को खरी-खोटी सुनाई है।
https://x.com/i/status/2047380743010332744
ईरान का करारा जवाब: “सांस्कृतिक डिटॉक्स की जरूरत”
मुंबई में स्थित ईरानी महावाणिज्य दूतावास ने ट्रंप के बयान पर पलटवार करते हुए महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का एक खूबसूरत वीडियो साझा किया।
सांस्कृतिक डिटॉक्स: ईरान ने अपने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा कि ट्रंप को एक “सांस्कृतिक डिटॉक्स ट्रिप” (सांस्कृतिक शुद्धिकरण यात्रा) की जरूरत है, ताकि उनके मन से भारत के प्रति ‘जहर’ निकल सके।
सीधी नसीहत: ईरानी दूतावास ने सीधे शब्दों में लिखा— “शायद किसी को मिस्टर ट्रंप के लिए ट्रिप बुक करनी चाहिए, ताकि उनकी बेतरतीब बकवास कम हो सके। कभी इंडिया आकर देखो, फिर बोलना।”
भारत ने बताया “अज्ञानतापूर्ण और अभद्र”
ट्रंप की टिप्पणी पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्रंप के बयान को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा:
”ये टिप्पणियां स्पष्ट रूप से अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और अभद्र हैं। ये भारत और अमेरिका के बीच उस वास्तविकता को नहीं दर्शातीं, जो आपसी सम्मान और साझा हितों पर टिकी है।”
अमेरिकी दूतावास की ‘डैमेज कंट्रोल’ की कोशिश
विवाद बढ़ने और भारत की आपत्ति के बाद दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने मामले को शांत करने की कोशिश की। दूतावास ने एक संदेश जारी कर कहा कि ट्रंप का मानना है कि भारत एक “महान देश” है और इसका नेतृत्व उनके एक “अच्छे मित्र” (पीएम मोदी) कर रहे हैं। हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियां द्विपक्षीय संबंधों के लिए ठीक नहीं हैं।
क्या था पूरा विवाद?
ट्रंप ने अमेरिकी लेखक माइकल सैवेज के तीन हफ्ते पुराने वीडियो का टेक्स्ट पोस्ट किया था।
यह पोस्ट अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता (Birthright Citizenship) के कानूनों पर चर्चा के दौरान किया गया था।
इस संदर्भ में भारत और चीन जैसे देशों की स्थितियों को बेहद खराब बताते हुए उन्हें “नरक” जैसा कहा गया था।
ईरान के इस दखल ने यह साफ कर दिया है कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक छवि पर इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्वीकार्य नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि व्हाइट हाउस इस पूरे विवाद पर आधिकारिक रूप से क्या प्रतिक्रिया देता है।
