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जंग के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: नौसेना मंत्री जॉन फेलन की छुट्टी, अमेरिकी सेना में ‘क्लीन स्वीप’ जारी

जंग के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: नौसेना मंत्री जॉन फेलन की छुट्टी, अमेरिकी सेना में ‘क्लीन स्वीप’ जारी

​वाशिंगटन डीसी: मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना सचिव (Secretary of the Navy) जॉन फेलन को उनके पद से “तुरंत” हटा दिया है। 22 अप्रैल को हुई इस घोषणा ने न केवल पेंटागन बल्कि पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है, क्योंकि अमेरिका इस वक्त एक सक्रिय युद्ध (54 दिनों से जारी) का हिस्सा है।

​हटाए जाने के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, जिसने अमेरिकी सेना के भीतर स्थिरता और ‘चेन ऑफ कमांड’ को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​1. पेंटागन का आधिकारिक बयान

​पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने ‘एक्स’ (Twitter) पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा:

​तत्काल प्रभाव: जॉन फेलन तुरंत अपना पद छोड़ रहे हैं।

​नई नियुक्ति: उनकी जगह अंडरसेक्रेटरी हंग काओ को अंतरिम रूप से नौसेना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

​2. सेना में ‘इस्तीफों’ और ‘बर्खास्तगी’ की झड़ी

​जॉन फेलन अकेले ऐसे अधिकारी नहीं हैं जिन्हें हटाया गया है। ट्रंप सरकार 2.0 में सेना के शीर्ष नेतृत्व को पूरी तरह बदलने की एक बड़ी लहर चल रही है:

​जनरल रैंडी जॉर्ज: इस महीने की शुरुआत में आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया गया।

​जनरल चार्ल्स “सीक्यू” ब्राउन: फरवरी 2025 में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष को भी बिना कारण बताए बर्खास्त कर दिया गया था।

​अन्य अधिकारी: नौसेना और कोस्ट गार्ड के प्रमुख, एनएसए (NSA) के प्रमुख, वायु सेना के वाइस चीफ और नाटो में नियुक्त एडमिरल तक को बदला जा चुका है।

​3. ट्रंप की रणनीति: सुधार या सैन्य राजनीति?

​ट्रंप सरकार के इन फैसलों को लेकर दो तरह की राय सामने आ रही है:

​सरकार का पक्ष (रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ):

​”राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि वह अपने हिसाब से लीडरशिप का चुनाव करें। वे ऐसे जनरल चाहते हैं जो उनकी नीतियों के प्रति वफादार हों और जिनमें युद्ध जीतने की आक्रामकता हो।”

​विपक्ष का पक्ष (डेमोक्रेटिक सांसद):

डेमोक्रेटिक सांसदों ने चेतावनी दी है कि सेना के शीर्ष स्तर पर इतने बड़े बदलाव से अमेरिकी सेना का ‘राजनीतिकरण’ हो सकता है। सेना को परंपरागत रूप से निष्पक्ष माना जाता है, लेकिन वफादारी के आधार पर अधिकारियों को चुनने से इस परंपरा को खतरा है।

​4. पद कम करने का मास्टर प्लान

​ट्रंप प्रशासन केवल चेहरों को नहीं बदल रहा, बल्कि सैन्य ढांचे को भी छोटा कर रहा है:

​20% की कटौती: सक्रिय फोर-स्टार जनरल और एडमिरल की संख्या में 20% कटौती का आदेश दिया गया है।

​10% की कमी: कुल जनरल और फ्लैग ऑफिसर्स की संख्या में 10% की कमी करने का निर्देश दिया गया है।

​ईरान से जंग और सेना में अस्थिरता

​यह उथल-पुथल ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका मिडिल ईस्ट में ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह खत्म करने का दावा कर रहा है। ट्रंप बार-बार कह रहे हैं कि ईरान अब कमजोर हो गया है, लेकिन युद्ध की समाप्ति का कोई स्पष्ट रास्ता नजर नहीं आ रहा है।

​निष्कर्ष: विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के दौरान शीर्ष नेतृत्व में बार-बार बदलाव से जवानों का मनोबल प्रभावित हो सकता है और ऑपरेशनल रणनीतियों में भ्रम पैदा हो सकता है। क्या ट्रंप का यह ‘क्लीन स्वीप’ अमेरिका को जीत दिलाएगा या यह सेना के भीतर एक नए आंतरिक संकट को जन्म देगा?

​(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट वर्तमान में मिल रही सूचनाओं और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चल रही चर्चाओं पर आधारित है।)

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